भारत रत्न: प्रणब मुखर्जी, नानाजी देशमुख और भूपेन हजारिका को मिला सर्वोच्च सम्मान

नई दिल्ली।

भारत के 13वें राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, पदम भूषण से सम्मानित गायक भूपेन हजारिका और सामाजिक कार्यकर्ता नानाजी देशमुख भारत का सर्वोच्च सम्मान यानी भारत रत्न से नवाजने का ऐलान किया गया है।

देश में असाधारण कार्य और राष्ट्र की महान सेवाओं के लिए किसी नागरिक को भारत सरकार हिंदुस्तान के इस सबसे बड़े पुरस्कार, यानी “भारत रत्न” से नवाजती है।

इन तीनों महान हस्तियों को भारत रत्न देने की घोषणा करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से बातचीत की। उसके बाद उन्होंने ट्वीट करके सम्मान के लिए देश के प्रति कृतज्ञता जताई।

पूर्व राष्ट्रपति ने अपने ट्वीट में लिखा जितना उन्होंने राष्ट्र के लिए किया उससे कहीं अधिक बढ़ कर उनको इस देश ने दिया, इसके लिए वह देशवासियों के प्रति कृतज्ञता जाहिर करते हैं।

महान गायक भूपेन हजारिका और सामाजिक कार्यकर्ता नानाजी देशमुख मरणोपरांत भारत रत्न दिया जाएगा। नरेंद्र मोदी सरकार के द्वारा दिए जा रहे हैं इन 3 भारत रत्न प्राप्त कर्ताओं में केवल प्रणब मुखर्जी ही जीवित हैं।

कौन हैं प्रणब मुखर्जी? (एक महान राजनीतिज्ञ)

आपको बता दें कि पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी 2012 से लेकर 2017 तक देश के 13वें राष्ट्रपति के रूप में काम कर चुके हैं। उससे पहले यूपीए सरकार में वह विदेश, वित्त और अन्य कई मंत्रालयों का कार्यभार भी देख चुके हैं।

नानाजी देशमुख (एक महान सामाजिक कार्यकर्ता)

चंडिकादास अमृतराव देशमुख को नानाजी देशमुख के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने शिक्षा, समाज और कृषि के क्षेत्र में कई अति महत्वपूर्ण बदलाव की है। ग्रामीण आत्मनिर्भरता और स्वास्थ्य के क्षेत्र में नानाजी का योगदान भुलाया नहीं जा सकता।

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भूपेन हजारिका (एक महान फनकार)

भूपेन हजारिका असम के रहने वाले थे। उन्होंने गायक लेखन और फिल्म निर्माण के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किए हैं। उनके द्वारा गाया गया ‘दिल हूम हूम करे….’ आज भी लोगों की जुबान पर है।

पूर्वोत्तर भारत की संस्कृति को हिंदी सिनेमा के माध्यम से भूपेन हजारिका ने पूरे देश से रूबरू करवाया। साल 1975 में उनके संगीत में योगदान के लिए राष्ट्रीय फिल्म फेयर अवार्ड भी दिया गया।