BJP अध्यक्ष अमित शाह को भी स्वाइन फ्लू, राजस्थान में बरपा है कहर

-बिना जांच के ही मरीजों को टेमीफ्लू, 15 दिन में 41 की मौत
-मुख्यमंत्री के गृह जिले में ज्यादा प्रकोप
जयपुर।

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को स्वाइन फ्लू हुआ है। इस बात की पुष्टि उन्होंने खुद अपने टि्वटर हैंडल पर जानकारी देकर की है।

अब से कुछ ही देर पहले हमेशा गाने अपने टि्वटर हैंडल पर लिखते हुए कहा है कि ‘उनको स्वाइन फ्लू हुआ है और ईश्वर की आशीर्वाद से और समर्थकों की दुआओं से वह जल्दी ही ठीक हो जाएंगे।’

अमित शाह ने यह लिखा है- “मुझे स्वाइन फ्लू हुआ है, जिसका उपचार चल रहा है। ईश्वर की कृपा, आप सभी के प्रेम और शुभकामनाओं से शीघ्र ही स्वस्थ हो जाऊंगा।”

इधर, राजस्थान में स्वाइन फ्लू बेकाबू हो गया है। चिकित्सा विभाग के तमाम प्रयासों के बावजूद रोग कंट्रोल में नहीं होने के कारण अब बिना जांच के भी दवा देना शुरू कर दिया है।

चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने निर्देश दिया है कि जहां मरीज के नाक बहने, गले में दर्द और तेज बुखार होने पर स्वाइन फ्लू की को नियंत्रित करने के लिए दी जाने वाली टेमीफ्लू दी जाए।

मंत्री ने सभी जिलों में इस निर्देश की पालना करने को कहा है। चिकित्सा विभाग का कहना है कि टेमीफ्लू के साइड इफेक्ट नहीं होते, ऐसे में एतिहात के तौर पर यह दवा शुरू की गई है।

राज्य में पिछले एक पखवाड़े में जोधपुर जिले में सर्वाधिक 16 मरीजों की एच1 एन1 वायरस से पीड़ित होने से मौत हो गई है।

जिले में अब तक 248 मरीज पॉजिटिव पाए गए हैं। प्रदेश में कुल 41 मृतकों में से करीब आधे इसी जिले से हैं। राजधानी जयपुर में जोधपुर से भी अधिक 349 लोग स्वाइन फ्लू पॉजिटिव पाए गए हैं लेकिन अधिकतर को बचा लिया गया है।

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समय पर डिटेक्शन और इलाज के कारण सिर्फ दो मरीजों की मौत हुई है। जानकार सूत्रों का कहना है कि जोधपुर में अधिक संख्या में मरीजों की मौत का प्रमुख कारण चिकित्सा विभाग की ढिलाई का परिणाम है। समय पर मरीजों की पहचान और उपचार से मरीजों को बचाया जा सकता था।

शेखावाटी के सीकर और नागौर में 51 लोगों को स्वाइन फ्लू डिटेक्ट हुआ और इनमें से 6 मरीजों ने दम तोड़ दिया। कोटा में 18 पॉजिटिव रोगियों में 2 की मौत हो गई। इसके अलावा अजमेर, टोंक, गंगानगर, पाली, बाड़मेर, उदयपुर, प्रतापगढ़ और राजसमंद में भी 1-1 मरीज की मौत हो चुकी है।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार जनवरी के पहले पखवाड़े में वर्ष 2015 से भी ज्यादा मरीजों की जान जा चुकी है।

विशेषज्ञों के अनुसार गले में दर्द, नाक बहना और तेज बुखार स्वाइन फ्लू के लक्षण हैं। चिकित्सा निदेशालय का कहना है कि गले में दर्द, नाक बहना और तेज बुखार होने पर तत्काल कैटेगरी अनुसार संबधित रोगी को टेमीफ्लू दी जा रही है।

पॉजिटिव केस के सम्पर्क में आए लोगों को भी चिकित्सा विभाग की तरफ से टेमीफ्लू देने के निर्देश हैं।