सोनिया, राहुल, प्रियंका होंगी गिरफ्तार! संपत्ति से की जाएगी वसूली

amit shah home minister
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—किसी को छोड़ा नहीं जाएगा, दंगाइयों से ही होगी हजारों करोड़ की सम्पत्ति की वसूली: शाह

नई दिल्ली।
गृहमंत्री अमित शाह ने साफ कर दिया है कि दिल्ली में दंगे करवाने वालों की पहचान की जा रही है, जो भी दंगाई हैं, उनका पूरा हिसाब होगा। सबकी पहचान हो रही है और जो दंगाइयों ने सम्पत्ति बर्बाद की गई है, जलाई है, उसकी दंगाइयों से ही वसूली की जाएगी।

अमित शाह ने दिल्ली में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि दुनिया के सामने इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना को दंगाइयों ने सुनियोजित तरीके से पेश किया गया है, वह बेहद निंदनीय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सदन में भी कई सांसदों ने दुनिया को यह दिखाने का प्रयास किया है कि दिल्ली दंगों में सरकार फैल हुई है।

शाह ने कहा कि 25 फरवरी 2020 के बाद कोई दंगा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि सरकार ने कहा था कि होली के बाद दिल्ली दंगों पर सदन में चर्चा की जाएगी, लेकिन विपक्ष ने उसको लेकर भी सरकार को सवालों के घेरे में खड़ा किया।

उन्होंने कहा कि पहले भी कई बार होली के वक्त देश में दंगे हुए हैं, इसलिए होली को शांतिपूर्ण मनाने के लिए ही ऐसा किया था। लेकिन कांग्रेस समेत विपक्ष ने सदन नहीं चलने दिया।

शाह ने साफ किया कि 25 फरवरी की रात 11 बजे के बाद एक भी साम्प्रदायिक दंगा नहीं हुआ है। विपक्षी हंगामे के बीच शाह ने कहा​ कि विपक्ष ने सवाल उठाया कि दिल्ली पुलिस क्या कर रही थी? उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनसंख्या 1.70 करोड़ है और जहां दंगा हुआ, वहां की जनसंख्या 20 लाख है।

शाह ने दिल्ली पुलिस की पीठ थपथपाई। उन्होंने कहा कि 20 लाख लोगों के बीच दंगा हुआ था, लेकिन दिल्ली पुलिस ने उसको बाकी दिल्ली में नहीं फैलने दिया, यह दिल्ली पुलिस की बहादुरी का ही परिणाम था।

शाह ने आंकड़े देते हुए कहा कि दिल्ली के 230 थानों में से केवल 12 थानों में ही हिंसा हुई थी। उन्होंने कहा कि दिल्ली में पुलिस ने केवल 8 प्रतिशत क्षेत्र में ही हिंसा को रोक दिया। शाह ने कहा कि 24 फरवरी को दोपहर 2 बजे दंगों की पहली घटना हुई, और 25 फरवरी को रात 11 बजे तक आखिरी घटना हुई थी।

उन्होंने कहा कि यह दिल्ली पुलिस की बड़ी सफलता है कि इसको बाकी दिल्ली में नहीं फैलने दिया गया। शाह ने कहा कि 36 घंटों में दंगे रोके गए, यह दिल्ली पुलिस की बड़ी कामयाबी है। उन्होंने कहा कि दंगाइयों का कार्यक्रम पहले से तय था। वो खुद पूर्व कार्यक्रम के अनुसार अपने संसदीय क्षेत्र में थे, जब उनको इस बारे में पता चला तो सुबह ही 6 बजे ही दिल्ली लौट आये थे।

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उन्होंने कहा कि 25 फरवरी 2020 के दिन वो सुबह डोनाल्ड ट्रंप के सुबह वाले कार्यक्रम में, दोपहर के लंच से लेकर रात के डिनर तक में नहीं गए, बल्कि दिल्ली पुलिस के साथ बैठकर दंगे रोकने के लिए काम किया था। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को दंगा प्रभावित इलाकों में उन्होंने ही भेजा था। वो खुद इसलिए नहीं गए, क्योंकि सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस उनके साथ हो जाती और दंगें रोकने से पुलिस को रुकना पड़ता।

शाह ने कहा कि 50 से ज्यादा लोगों की जान गईं, हजारों करोड़ों का नुकसान हुआ है, यह कोई छोटी चीज नहीं है। अपराधियों का जिक्र करते हुए कहा​ कि इस इलाके में यूपी की सीमा जुड़ी होने के कारण यहां पर अपराधियों की शरणगाह रही है।

गृहमंत्री ने कहा कि दंगे शुरु होते ही दिल्ली में 24 फरवरी को सीआरपीएफ की 30 कंपनी तैनात की गई थीं। फिर 40 कंपनी 25 फरवरी को तैनात की गईं, 26 को 30 कंपनी भेजी। उस दिन से आज दिन तक 80 से ज्यादा कंपनियां तैनात हैं। अब तक 700 एफआईआर दर्ज की गई है। कुल 2647 लोग हिरासत में लिए गए हैं।

हिरासत में लिए गए हिंदू और मुसलमान, दोनों ही हैं। इसके अलावा 25 से ज्यादा कम्प्यूटरों से सीसीटीवी जांच की जा रही है। दिल्ली की जनता से वीडियो और सीसीटीवी फुटेज मांगे हैं। दिल्ली पुलिस को बड़े पैमाने पर वीडियो मिले हैं। उन्होंने कहा कि धैये रखें, इस दंगे का असली गुनहगार भी सामने आयेगा।

एक सॉफ्टवेयर को लगाया गया है, जो अपराधियों को पकड़ने का कम करेगा। इससे 1100 से अधिक अपराधियों को चेहरे से पहचान की गई है, जिनमें से 30 से ज्यादा लोग उत्तर प्रदेश से आए थे, जो सुनियोजित साजिश के तहत दिल्ली में घुसे थे।

शाह ने कहा कि 24 की रात को ही यूपी की बॉर्डर सील कर दी गई थी। अब तक 40 टीम बनाई हैं, जो पहचाने गए अपराधियों को पकड़ रही हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार किसी भी अपराधी को बख्सेगी नहीं। उन्होंने कहा​ कि अपराधियों को साक्ष्यों के आधार पर पकड़ा जाएगा। दो एसआईटी टीम बनाई है।

49 बेहद गंभीर मामलों की जांच की जा रही है। इसके साथ ही 152 अवैध हथियार भी बरामद किए हैं। शांति समितियां भी गठित की गई हैं। अब तक 650 से अधिक शांति समिति की मीटिंग की हैं, जिनमें हिंदू, मुसलमान, सिख, इसाई, पारसी भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व नियोजित दंगों की संभावना के तहत भी कई मामले दर्ज किए गए हैं।

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जनवरी के बाद देश में हवाला के द्वारा कितनी राशि आई है, इसकी भी जांच की गई है, इसलिए उसकी भी सच्चाई सामने आई है। दिल्ली दंगों में फाइनेंस करने वाले 3 जनों को पकड़ा गया है। दो को गिरफ्तार किया गया और एक को हिरासत में लिया गया है। वो पीएफआई से जुड़े हुए हैं।

शाह ने कहा कि जिन्होंने ने भी दंगा करने की हिमाकत की है, उनको किसी भी सूरत में छोड़ा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी जांच वैज्ञानिक आधार पर की जाएगी। निर्दोष को पकड़ा नहीं जाएगा और अपराधी को छोड़ा नहीं जाएगा, वीडियो रिकॉर्डिंग की जा रही है।

दंगों की पृ​ष्ठभूमि का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि सीएए का बिल पारित करने का काम संवैधानिक तरीके से संसद के द्वारा किया गया। लेकिन इसके बाद भी विपक्ष ने देश के मुसलमानों को बरगलाया, बहकाया और भड़काया। उन्होंने कहा कि सीएए के तहत किसी की भी नागरिकता छीनने का नहीं, किसी को नागरिकता देने का प्रावधान है।

शाह ने कहा कि सीएए आने से पहले देश की नागरिकता देने के लिए 27 जगह पर धर्म का नाम लिखवाया जाता था। उन्होंने कहा कि 25 कानून तो ऐसे हैं, जो केवल धर्म के आधार पर बने हैं, जिनमें से मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड भी एक है। उन्होंने कहा कि कल वो इन कानूनों को सदन के पटल पर भी लाएंगे।

सीएए पर पक्ष और विपक्ष का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि 25 फरवरी से पहले इसके विरोध के बजाए इसके समर्थन में ज्यादा रैलियां निकालीं गई थीं। उन्होंने कहा कि कई रैलियों में वो खुद गए हैं। इसलिए इस दंगे का संबंध सीएए के विरोध और पक्ष से नहीं है।

14 दिसंबर का जिक्र करते हुए कहा कि सोनिया गांधी ने रामलीला मैदान में कहा था कि घरों से बाहर निकलो, रैली करो, कुर्बानी दो, राहुल ने कहा था अभी नहीं निकलोगे तो कायर कहलाओगे। उन्होंने कहा कि क्या यह हैट स्पीच नहीं है क्या? शाह ने कहा कि इसके 2 दिन बाद 16 दिसंबर से ही शाहीन बाग में धरना शुरू हो गया।

‘यूनाइटेट हैट स्पीच’ नामक संगठन का जिक्र करते हुए कहा कि उसमें भाषण होता है तो उसमें कहा जाता है कि 24 को ट्रंप भारत आएंगे और तब हमको बाहर निकलना है। वारिश खान पठान ने 19 फरवरी को कहा था कि जो चीज मांगने से नहीं मिलती, वो छीननी पड़ती है, हम 15 करोड़ हैं, 100 करोड़ पर भारी पड़ेंगे, यह क्या हैट स्पीच नहीं है?

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शाह ने कहा कि सोशल मीडिया के जमाने में ये हैट स्पीच ही दंगों के कारण बनें। उन्होंने कहा कि ये सारे भाषण हैट स्पीच है या नहीं, इसका फैसला खुद जनता कर लेगी। सोशल मीडिया पर 60 अकाउंट ऐसे थे, जो दंगों के बाद बंद हो गए, सबको ढूंढ़ लिया गया। सबके खिलाफ साइबर एक्ट के तहत मामले दर्ज किए हैं। बड़े पैमाने पर पैसा भी दंगों के लिए पहुंचाया गया है, इसकी भी जानकारी मिल चुकी है।

14 दिसंबर, 17 फरवरी, 19 फरवरी को हैट स्पीच किया गया, जिसकी भी जांच और संबंधित लोगों की गिरफ्तारी होगी। हजारों करोड़ की सम्पत्ति जलकर राख हो गई। हमने ‘क्लैम कमिशन’ का गठन के लिए सुप्रीम कोर्ट के सीजेआई को पत्र लिख दिया है। सम्पत्ति जलाने वाले किसी अपराधी को बक्शा नहीं जाएगा। सम्पत्ति की वसूली की जाएगी, किसी को भी छोड़ा नहीं जाएगा।

हिंदू मुस्लिम को अपने भाषण से बाहर करते हुए शाह ने कहा कि 52 भारतीयों की जान गई हैं। उन्होंने कहा कि मंदिर जले हैं, और मस्जिद भी जली हैं। शाह ने सबके लिए दुख जताया। उन्होंने कहा कि जुबैर को मारने वाले भी पकड़े जाएंगे और आईबी अफसर के शरीर पर 400 चाकू मारे हैं, उनको भी नहीं छोड़ेंगे।

उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस के शासन में ही देश में 76 फीसदी लोगों की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि 1984 में 3000 सिखों को मार दिया गया, काट दिया गया, इनमें शामिल कांग्रेस ने अपराधियों को नहीं पकड़ा, बल्कि मोदी सरकार आने के बाद 1984 से 2014 तक के अपराधियों को पकड़ा गया है। उन्होंने गृहमंत्री होकर कभी नहीं कहा कि बड़ा पेड़ गिरता है, तब धरती हिलती ही है।

गृहमंत्री ने कहा कि दंगे नहीं होने चाहिए, लेकिन यह दंगे सोची समझी साजिश के तहत हुए हैं और इन दंगों में मारे गए परिजनों को आश्वस्त करता हूं कि कोई भी अपराधी बख्शा नहीं जाएगा। इसको लेकर सजा देने का एक उदाहरण पेश किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि दंगे रोकने के लिए दिल्ली पुसिल ने 400 से अधिक गोलियां चलाईं और काफी मात्रा में टीयर गैस के गोले छोड़े गए। पुलिस ने किसी भी दंगाई को पत्थर नहीं मारा, केवल बचाव में गोलियां चलाईं। उन्होंने कहा कि अपराधियों को कठोर से कठोर दंड़ दिया जाएगा, चाहे वो कोई भी हो।