यस बैंक में महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार के 1125 करोड़ पर भी फंसे

नई दिल्ली।

– मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे सरकार ने सभी निकायों और सरकारी विभागों से यस बैंक सहित अन्य बैंकों में जमा राशि की जानकारी मांगी है।

महाराष्ट्र सरकार ने यस बैंक की घटना के बाद विभिन्न निजी क्षेत्र के बैंकों में जमा धन का विवरण मांगा है।

राज्य ने विभिन्न नागरिक निकायों राज्य के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों स्वायत्त निकायों और अन्य सरकारी विभागों को यस बैंक में फंसे रुपयों की जानकारी मांगी है।

साथ ही अन्य निजी क्षेत्र के बैंकों में उनके समाधान जमा धन वेतन खातों आदि का भी पूरा विवरण देने के लिए कहा गया है।

शुक्रवार को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने निजी क्षेत्र के बैंकों में राज्य सरकार का धन जमा करने में बचने के लिए कहा था।

उन्होंने कहा था कि केवल सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की सेवाओं का उपयोग किया जाए। कम से कम तीन प्रमुख नागरिक निकायों ने स्वीकार किया है कि उनके 1125 करोड़ का डिपाजिट यस बैंक में है।

इसके बाद राज्य सरकार ने यह कदम उठाया। पिम्परी-चिंचवड नगर निगम, नासिक नगर निगम निगम, स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड ने माना है कि उनका यस बैंक में क्रमशः 800 करोड रुपए, 310 करोड रुपए और 15 करोड पर जमा है।

दूसरी ओर ईडी ने यस बैंक के प्रमोटर राणा कपूर को पूछताछ के लिए अपने कार्यालय में बुलाकर 10 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की। प्रवर्तन निदेशालय ने कपूर के विभिन्न ठिकानों पर भी छापे मारे हैं।

पीसीएमसी निगम आयुक्त सरवन हार्डेकर ने मीडिया को बताया कि उसने यस बैंक में अपनी जमा राशि को 1100 करोड़ पर से घटाकर 800 करोड रुपए कर दिया है और अन्य बैंकों में भी 4000 करोड रुपए की राशि जमा की है।

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पिछले दिसंबर में मुंबई की महापौर किशोरी पेडणेकर ने कहा था कि बृहन्मुंबई नगर निगम एतिहात के तौर पर अपने कुछ खातों को निजी क्षेत्र के बैंक से पीएसबी में सुरक्षित विकल्प के रूप में स्थानांतरित करने पर विचार कर रहा है।

एक अधिकारी ने कहा कि इसी तरह राज्य सरकार यस बैंक की समस्या के बाद पुलिस विभाग के खातों को एक्सिस बैंक से पीएसबी में स्थानांतरित करने की दिशा में कदम उठाने का विचार कर रही है।

बसंत नायक शेट्टी स्वावलंबन मिशन के अध्यक्ष किशोर तिवारी ने कहा कि अधिकारियों द्वारा गलत निर्णय के कई उदाहरण हैं। जब बड़े खातों को पीएसबी से निजी क्षेत्र के बैंकों और बेहतर सेवा के आधार पर स्थानांतरित किया गया, लेकिन अब वापस पीएसपी में जाने के लिए राज्य सरकार के कदम की सराहना की है।

तिवारी ने कहा कि निजी क्षेत्र के बैंकों के अलावा सहकारी बैंकों से भी सभी सरकारी खातों को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में स्थानांतरित करने के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिख रहे हैं।

अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ ने उनके बैंक खाते यस बैंक से जल्द से जल्द क्षेत्र में लाने और उसके अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।