‘हर काम, देश के नाम’ और देशी सोशल मीडिया के लिए छोड़ रहे हैं मोदी विदेशी सोशल मीडिया! इस कंपनी का हो सकता है प्लेटफॉर्म

narendra modi
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नई दिल्ली।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा ट्वीटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम और यू ट्यूब छोड़ने के पीछे की कहानी कयासों के द्वारा सामने आ रही है। बीती रात को 9.56 मिनट पर सोशल मीडिया छोड़ने की बात कहकर हचलच मचाने वाले पीएम मोदी भी चीन की तर्ज पर देशी सोशल मीडिया लाने पर विचार कर रहे हैं।

बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार 8 मार्च को ‘हर काम, देश के नाम’ से एक कार्यक्रम शुरु करने जा रही है, जिसमें सरकार के प्रत्येक काम के पीछे केवल देशहित होगा। ऐसे वक्त में मोदी सरकार सोशल मीडिया को देशहित में छोड़ने के लिए आव्हान कर सकती है।

आएगा देशी सोशल मीडिया, इस कंपनी का किया जा रहा है दावा

माना जा रहा है कि पीएम मोदी के सोशल मीडिया छोड़ने के पीछे चीन की तर्ज पर खुद का देशी सोशल मीडिया लॉन्चिंग के तौर पर देख जा रहा है। चीन फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्वीटर और यू ट्यूब का इस्तेमाल नहीं करता, वहां पर खुद का प्लेटफॉर्म है।

इसी की तर्ज पर भारत भी अपना सोशल मीडिया ला सकता है, जिसपर कोई विदेश हस्तक्षेप या विदेशी निवेश नहीं होगा। यह पूरी तरह से मेक इन इंडिया के तहत स्वेदशी होगा।

कहा जा रहा है कि मुकेश अंबानी की रिलायंस कोई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लेकर आ रही है, जो पूरी तरह से स्वदेशी होगा और उसमें बिलकुल भी विदेश हस्तक्षेप नहीं होगा।

इसके साथ ही यह भी चर्चा है कि 8 मार्च को जब पीएम मोदी ‘हर काम, देश के नाम’ कैंपेन की शुरुआत करेंगे, तभी इसका ऐलान भी कर देंगे। इसलिए उन्होंने रविवार तक का समय चुनकर जनता से राय मांगी है।

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सोशल मीडिया के सबसे बड़े किंग हैं मोदी, कंपनियां चिंतित

बता दें कि चाहे फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्वीटर हो या यू ट्यूब, सभी सोशल मीडिया साइट्स पर दुनियाभर के सभी नेताओं के अधिक फैन्स पीएम मोदी के हैं।

फेसबुक— 44.5 मिलियन

ट्वीटर— 53.3 मिलियन

इंस्टाग्राम— 30 मिलियन

यू ट्यूब— 4.7 मिलियन

चीन के पास है खुद का सोशल मीडिया

इससे पहले भारत का पडोसी देश चीन ही दुनिया में ऐसा एकमात्र देश है, जहां पर खुद का सोशल मीडिया चलता है। वहां पर फेसबुक, ट्वीटर, इंस्टाग्राम या यू ट्यूब का इस्तेमाल नहीं होता है।