कन्हैया कुमार पर चलेगा देशद्रोह का केस, 4 साल बाद दिल्ली सरकार ने दी अनुमति

नई दिल्ली।

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में वर्ष 2015 के दौरान तत्कालीन छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार के द्वारा विश्वविद्यालय परिसर में देश विरोधी नारे लगाने के मामले को लेकर उन पर देशद्रोह का केस चलाने की मंजूरी दे दी गई है।

4 साल से लंबित देशद्रोह की मंजूरी देते हुए दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने दिल्ली पुलिस से जांच करने की अपील की है। केजरीवाल सरकार ने दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को इसकी मंजूरी दे दी है।

उल्लेखनीय है कि मई 2019 में हुए लोकसभा चुनाव के दौरान कन्हैया कुमार मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के टिकट पर बिहार की बेगूसराय सीट से लोकसभा का चुनाव लड़ चुके हैं, जिसमें उनको भाजपा के नेता गिरिराज सिंह से मात खानी पड़ी थी।

बीते साल 18 सितंबर को दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार के 1 महीने के अंदर कन्हैया कुमार और अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी देने का फैसला लेने को कहा गया था।

अदालत ने सरकार से कहा था कि देरी के चलते अदालत का समय बर्बाद हो रहा है और आरोप पत्र दायर किए जाने के बाद भी मामला बार-बार सूचीबद्ध होकर भी स्थगित किया जा रहा है।

दरअसल, इसी साल की 14 जनवरी को दिल्ली पुलिस ने आरोपी कन्हैया कुमार के अलावा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य सहित अन्य के खिलाफ आरोप पत्र अदालत में दायर किया था।

जिममें आरोप लगाया गया था कि 9 फरवरी 2016 को विश्वविद्यालय परिसर में हुए कार्यक्रम के दौरान इन्होंने एक जुलूस की अगुवाई करते हुए देशद्रोह के नारे लगाए थे।

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9 फरवरी 2016 को जवाहरलाल विश्वविद्यालय विश्वविद्यालय में हुई इस नारेबाजी के बाद कन्हैया कुमार समेत इन तमाम आरोपियों को बचाने के लिए वामपंथी संगठनों और कांग्रेस के कई वरिष्ठ वकीलों ने पैरवी की थी।