नई दिल्ली।

दिल्ली में दंगों के दौरान पुलिस के डंडे से पिस्टल तानने वाले आतंकवादी मोहम्मद शाहरुख से मुकाबला करने वाले हेड कांस्टेबल दीपक दहिया ने अपने शब्दों में घटना बयान की है।

एक टीवी चैनल से बात करते हुए दीपक दहिया ने कहा है कि उनके ड्यूटी अपनी जान पर खेलकर लोगों की सुरक्षा करना है, इसलिए उन्होंने मोहम्मद शाहरुख को डंडे से रोकने का प्रयास किया था।

उन्होंने कहा कि उपद्रवी उनके पीछे खड़ी भीड़ में घुसकर फायरिंग करने का प्रयास कर रहा था, जिसको समझाने के लिए उन्होंने पिस्टल लगाने के बावजूद पीछे नहीं हटने का फैसला किया।

इसके साथ ही दीपक दहिया ने कहा है कि मोहम्मद शाहरुख के पीछे 25-30 लोगों की भीड़ थी जो पत्थरों से हमला कर रही थी। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया लोगों की जान बचाना उनका पहला कार्य है खुद की जान बचाने से जबरन यही बात है।

उल्लेखनीय है कि दिल्ली में हुए उपद्रव के दौरान मौजपुर में भीड़ ने पुलिस और पुलिस के पीछे खड़े लोगों पर हमला कर दिया था। जिनमें से एक हमलावर मोहम्मद शाहरुख ने पिस्टल से 8 राउंड फायरिंग की।

उसी दौरान दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल जो कि हरियाणा के सोनीपत के रहने वाले हैं, उन्होंने मोहम्मद शाहरुख को रोकने के लिए उसके सामने खड़े हो गए और सीने पर पिस्टल तानने के बावजूद पीछे नहीं हटे थे।