मुस्लिम महिलाएं धरने पर बैठ के संविधान दिखाती हैं और मुस्लिम मर्द सड़क पर उतर के दंगा फैलाते हैं

नई दिल्ली।

– दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष ने दिल्ली के उपराज्यपाल को चिट्ठी लिखकर कर्फ्यू लगाने की मांग की है

नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ शाहीन बाग में बीते 74 दिन से धरने पर बैठी महिलाएं संविधान की दुहाई दे रही हैं, जबकि मुस्लिम समुदाय के वर्ग से आने वाले कुछ आपराधिक किस्म के लोग सड़क पर उतरकर दिल्ली को जलाने पर आतुर हैं।

सर्वोच्च न्यायालय बुधवार को इस याचिका की सुनवाई करने के लिए तैयार हो गया है कि क्या हिंसा की उन गंभीर घटनाओं को राष्ट्रीय राजधानी में पिछले 3 दिन से लगातार जारी हैं से संबंधित शिकायतों पर एफ आई आर दर्ज करने के निर्देश दिल्ली पुलिस को दिए जाएं।

यह याचिका पूर्व मुख्य सूचना आयुक्त वजाहत हबीबुल्ला भीम पार्टी प्रमुख चंद्रशेखर रावण तथा स्पेशल एक्टिविस्ट बहादुर अब्बास नकवी ने दायर की है। जिसमें त्वरित सुनवाई का अनुरोध करते हुए यह भी मांग की गई है कि शाहिनबाग तथा अन्य स्थानों पर नागरिकता संशोधन कानून के विरुद्ध प्रदर्शन पर बैठी महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में कदम उठाए जाएं।

इस बीच मंगलवार को शहर के उत्तर पूर्वी भागों में अत्यधिक तनाव बना तथा नए टकराव तथा भीड़ द्वारा हिंसा किए जाने की सूचना प्राप्त हुई है। पुलिस के इन आश्वासनों के बावजूद की दिल्ली की स्थिति नियंत्रण में आ गई है। ऐसे संकेत मिले थे कि पूर्वी दिल्ली के अन्य भाग भी उपद्रवी घटनाओं से प्रभावित हो रहे हैं।

दिल्ली पुलिस ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि मौतों की संख्या 13 तक पहुंच गई है, तथा कम से कम 150 लोग घायल हुए हैं ऐसी भी रिपोर्ट थीं, कि कुछ क्षेत्रों में दंगाइयों ने कुछ मीडिया कर्मियों को भी निशाना बनाया है।

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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शांति के लिए अपील जारी की तथा कहा यह पागलपन तुरंत समाप्त होना चाहिए इससे पहले केजरीवाल राष्ट्रीय राजधानी की सुरक्षा की स्थिति पर विचार करने तथा इस दिशा में सामूहिक प्रयास करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय मीटिंग में शामिल हुए थे, जिसकी अध्यक्षता खुद अमित शाह ने की थी।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सभी पार्टियां दलगत राजनीति से ऊपर उठने तथा शांति की बहाली के लिए हर संभव प्रयास करने पर सहमत थीं।

मंगलवार को देर शाम तक कुछ स्थानों पर धुआं उठता दिखाई दिया, क्योंकि दंगाइयों की टोलियां ने दुकानों में आग लगा दी थी तथा वे पत्थरबाजी कर रहे थे।

पुलिस ने सभी लोगों के शहर में शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की। दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने भी यही कहा।

उन्होंने नागरिकों से शांति बनाए रखने और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए पुलिस और सशस्त्र बलों के साथ सहयोग करने का आह्वान किया है।

दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग ने क्षेत्र में कर्फ्यू लगाने के लिए राज्यपाल से अपील की। अनिल को एक पत्र में आयोग के अध्यक्ष ने आशंका जताई कि यात्रा पर आए हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रवानगी के बाद हिंसा बढ़ सकती है।

एमिनेस्टी इंडिया द्वारा की गई राजनेताओं द्वारा किए गए फैलाने वाले भाषणों की निंदा करने का अनुरोध किया और ऐसे भड़काने वाले भाषणों की निष्पक्ष जांच की मांग की।

उल्लेखनीय है कि दिल्ली में 2 दिन तक लगातार दंगाइयों द्वारा सैकड़ों गाड़ियों को आग लगा दिया गया और कई दुकानें जलाकर खाक कर दी गई। पुलिस के जवानों समेत कई लोगों के मारे जाने के बाद दिल्ली पुलिस ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है।

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पुलिस के जवान के ऊपर बंदूक तानने और 8 राउंड करने वाले मोहम्मद शाहरुख समेत कई जनों को हिरासत में लिया गया है। दंगाइयों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने 13 एफआईआर दर्ज की है।