अमेरिकी डेयरी प्रोडक्ट भारत के पशुपालकों और हिंदुओं मान्यता के लिए खतरनाक हैं

नई दिल्ली।

अमेरिका के राष्ट्रपति का सोमवार से भारत द्वारा स्टार्ट हो रहा है। इस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण व्यापारिक समझौते होने की संभावना है। इन समझौतों में सबसे महत्वपूर्ण समझौता है डेयरी प्रोडक्ट्स को लेकर।

बताया जा रहा है कि अमेरिका से जो डेयरी प्रोडक्ट्स भारत को आयात होने वाले हैं उन पशुओं को चारे के साथ में मां सारी चीजें खिलाई जाती है, जिसको लेकर भारत ने आपत्ति दर्ज करवाई है।

यदि भारत सरकार डेयरी प्रोडक्ट्स को लेकर अमेरिका के साथ समझौता करती है, तो इससे न केवल भारत के किसानों को बड़े पैमाने पर नुकसान होगा। बल्कि जो पशुपालक अपनी आजीविका पशुओं के दूध-दही से चलाते हैं, उनके लिए भी जीवन का संकट खड़ा हो जाएगा।

इतना ही नहीं भारत सरकार ने अमेरिका के समक्ष इस बात को भी प्रमुखता से उठाया है कि अगर डेयरी के जो प्रोडक्ट अमेरिका भारत को निर्यात करेगा, उन पशुओं को दूध के साथ में चारे में मांसाहार की चीजें दी जाएगी, तो यह हिंदुओं के धार्मिक मान्यताओं के विपरीत होने के कारण आयात करने से रोक दी जाएगी।

बताया जाता है कि अमेरिका में अधिक दूध दही प्राप्त करने के लिए पशुओं को चारे के साथ में मांसाहारी प्रोडक्ट दिए जाते हैं, जिससे वह शारीरिक रूप से संतुष्ट रहते हैं और अधिक दूध देते हैं। लिहाजा वहां पर दूध का उत्पादन अधिक होता है और उस दूध-दही को बंद डिब्बे में अमेरिका भारत को निर्यात करना चाहता है।

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