मोदी और ट्रंप के बीच हुआ GSP समझौता, तो बर्बाद हो जाएंगे देश के किसान

नई दिल्ली।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 24 फरवरी को भारत के तीन दिवसीय दौरे पर आ रहे हैं। ट्रंप के इस दौरे को लेकर एक तरफ जहां नरेंद्र मोदी प्रशासन बेहद उत्सुक हैं, वहीं दूसरी तरफ आशंका जताई जा रही है कि दोनों देशों के बीच अगर जीएसपी समझौता हो गया तो देश के किसान और पशुपालक बर्बाद हो जाएंगे।

बताया जा रहा है कि अमेरिका जनरलाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रेफरेंस के तहत मिलने वाली ड्यूटी पर राहत शुरू की जा सकती है। भारत सरकार की विभिन्न मंत्रालयों के साथ हुई बातचीत के बाद उत्पादों की सूची अमेरिका को उपलब्ध करवाई जा सकती है।

इन उत्पादों का अमेरिका से भारत को आयात होता है। इनमें मेडिकल, डेयरी और कृषि के कुछ प्रोडक्ट शामिल हैं। इसके अलावा सेव और अखरोट पर भी आयात शुल्क दर घटाने की चर्चा चल रही है।

बताया जा रहा है कि भारत सरकार ने अपने विभिन्न मंत्रालयों को एक निर्देश जारी कर इस मामले पर रिपोर्ट देने को कहा है। अगर मंत्रालय की सहमति मिलती है, तो अमेरिकी प्रशासन और भारत सरकार के बीच में यह डील होना तय है।

सूत्रों के मुताबिक इस डील के अनुसार सेब पर आयात शुल्क 50% से घटाकर देश 10 फीसदी किया जा सकता है, तो दूसरी और अखरोट पर 100 फ़ीसदी आयात शुल्क की जगह 10 फ़ीसदी करने की भी चर्चा चल रही है। सोमवार को इस मामले को लेकर सभी मंत्रालयों के बीच फैसला किए जाने की संभावना है।

बैठक में भारत सरकार के कृषि, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय, खाद्य प्रसंस्करण, पेट्रोलियम और गैस तथा कृषि, पशुपालन, डेयरी, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के साथ ही फार्मास्यूटिकल मंत्रालय के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।

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