12 लाख करोड़ सोने की खदानों पर ज़हरीले सांपों का पहरा

नई दिल्ली।

देश के सबसे ग़रीब जिलों में से एक माने जाने वाले उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में करीब 12 लाख करोड रुपए के स्वर्ण भंडार हैं। जब से इन स्वर्ण भंडारों का पता चला, तब से देश में खुशी की लहर, लेकिन सबसे पेचीदा और मुश्किल भरा काम यह है कि करीब 3000 टन के इस व स्वर्ण भंडार को बाहर निकालना सबसे मुश्किल काम होता जा रहा है।

उत्तर प्रदेश के नक्सल प्रभावित जिले सोनभद्र में हनुमानते 3000 टन से अधिक के स्वर्ण भंडार मिले हैं, जिनकी कीमत 12 लाख करोड़ रुपया से अधिक आंकी गई है।

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार स्वर्ण के लिए भंडार भारत के कुल 626 टन स्वर्ण भंडारों से 5 गुना अधिक हैं। सोनभद्र जिले में स्वर्ण भंडारों की खोज का काम वर्ष 1992-93 हुआ, जब केंद्र सरकार के जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया ने यह काम अपने हाथ में लिया।

यहां की खानों में जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया और स्टेट डायरेक्टरेट आफ जियोलॉजी ने संयुक्त रूप से खोजा, लेकिन इस सोने को हासिल करने में नक्सलवाद के अलावा अन्य मुश्किलों का सामना भी करना पड़ता होगा।

क्योंकि इस स्वर्ण को क्रेट, रसेल वाइपर और कोबरा जैसे अत्यंत विषैले सांपों से प्रत्यक्ष रूप से घिरा हुआ है एवं संरक्षित देखा गया है। अगर यह सांप काट ले तो तुरंत मृत्यु होना तय है।

सोन पहाड़ी सांपों से भरी पड़ी है। स्वर्ण भंडार महूली क्षेत्र के सोन पहाड़ी और कोन क्षेत्र हर्दी गांव में मिले हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस पूरे इलाके को भूगर्भ उपयोग के लिए चिन्हित करने का आदेश दिया है और एक साथ सदस्य अध्ययन को संभव है, शनिवार को इस संबंध में लखनऊ के डायरेक्टरेट ऑफ जूलॉजिकल एंड माइनिंग को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत है।

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स्वर्ण भंडार जिसे जगह में स्थित हैं, उन जगहों में खदानों ब्लॉक्स के आवंटन की प्रक्रिया राज्य सरकार में चल रही है। डायरेक्टरेट के अधिकारियों की एक टीम को के टेंडर प्रक्रिया के जरिए इन ब्लॉक्स का आवंटन करना है।

डायरेक्टरेट की एक अधिकारिक घोषणा में सोन पहाड़ी में 2943.26 टन और हर्दी गांव में 646.15 टन में स्वर्ण भंडार बनाये गए हैं। जहरीले सांपों को हटाने के लिए सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल ना करना खनन मजदूरों के समक्ष बड़ा जोखिम पैदा कर सकता है।

क्योंकि सांपों से निपटने का काम नीलामी के लिए बोली लगाने वालों पर ही छोड़ दिया गया है, जिसका जंतु प्रेमियों ने विरोध किया है। उनका कहना है कि सोने का लालच सांपों को नष्ट कर सकता है, जिनका विष दवाइयां बनाने में काफी उपयोगी होता है।

जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की ओर से क्षेत्र में हेलीकॉप्टरों की मदद से एक हवाई सर्वे किया जा रहा है, ताकि यह आकलन किया जा सके कि स्वर्ण भंडार वाली जमीन का कितना भाग राजस्व विभाग के और कितना भाग वन विभाग के अधीन आता है, क्योंकि इस क्षेत्र को स्वर्ण उत्खनन के लिए खनन विभाग के सुपुर्द किया गया है।

एक संबंधित घटनाक्रम के तहत जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया ने सोनभद्र जिले के म्योपर ब्लॉक में यूरेनियम और अन्य बहुमूल्य खनिजों के भंडार होने का अनुमान लगाया है, जिनका भंडार 100 टन से कम नहीं है।

जीएसआई परमाणु शस्त्रों और ऊर्जा के काम आने वाले खनिज की उपस्थिति गहराई में बड़ी गंभीरता से पता लगा रहा है।

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जैसा कि सूत्रों ने बताया कि कुर्दी पहाड़ी के तीन स्थलों पर खुदाई शुरू हो चुकी है। केंद्रीय एटॉमिक एनर्जी विभाग में हेलीकॉप्टर ऊपर लगाए गए एरोमेटिक सिस्टम के जरिए यूरेनियम की उपलब्धता की जांच कर रहा है।

उन्होंने बताया कि विभाग छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और बिहार के पहाड़ियों और जंगलों में भी यूरेनियम की खोज के लिए सिस्टम का उपयोग कर रहा है।