UP में 3000 टन सोने का उत्खनन शुरू,भारत बनेगा सोने की चिड़िया

नई दिल्ली।

प्राचीन काल में भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था। मुगलों के आगमन और अंग्रेजों के शासन से पहले भारत में सोने के अथाह भंडार थे, खासतौर से मंदिरों में हजारों टन सोना पड़ा हुआ था।

भारत में एक बार फिर से सोने की चिड़िया बनने जा रहा है। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में 3000 टन के स्वर्ण भंडार में उत्खनन शुरू हो गया है।

राज्य की सरकार ने सोनभद्र में जमीन के नीचे दबे 3000 टन सोने के अथाह भंडार को ई नीलामी के द्वारा ब्लॉक आवंटन शुरू कर दिया है। राज्य के खनिज विभाग ने इसे स्वर्ण भंडार का पता लगाया था।

जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की टीम के द्वारा बीते 15 साल के दौरान यहां पर स्वर्ण भंडार खोजने के लिए काम किया जा रहा था। जल्द ही यहां पर सोना निकालने का काम शुरू कर दिया जाएगा।

जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की टीम ने 8 साल पहले सोनभद्र में 3000 टन सोने के भंडार की पुष्टि कर दी थी। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने सोने के ब्लॉकों के आवंटन के लिए ई नीलामी प्रक्रिया शुरू कर दी है।

इससे पहले साल 2005 में जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की टीम के द्वारा यहां पर सोने के भंडार होने का दावा किया गया था। टीम ने वर्ष 2012 में सोनभद्र में स्वर्ण भंडार होने की पुष्टि भी कर दी थी।

जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के अनुसार सोनभद्र जिले के हरदी क्षेत्र में 646.15 किलोग्राम सोने का भंडार है। इसके साथ ही सोहन पहाड़ी में 2923.25 टन सोने का भंडार अलग से है।

यह भी पढ़ें :  पाकिस्तान को भारत की नसीहत: 'नया पाकिस्तान' तो आतंकियों के खिलाफ 'नया एक्शन' दिखाएं पाक

उत्तर प्रदेश सरकार ने सारे कार्य में तेजी करते हुए सोने के ब्लॉक आवंटन के संबंध में ही नीलामी प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिले के कौन क्षेत्र के हरदी गांव में महोली क्षेत्र के सोन पहाड़ी में सोने का एक बड़ा भंडार मिलने के बाद इसकी जीएसआई ने पुष्टि की है।

2 गांव में ईटेंडरिंग के माध्यम से ब्लॉकों की नीलामी के लिए स्थानीय प्रशासन ने 7 सदस्य टीम का गठन किया है। यह 7 सदस्य टीम पूरे क्षेत्र की जियो टैगिंग करेगी और इसके साथ ही 22 फरवरी 2020 तक अपनी रिपोर्ट राज्य के भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय लखनऊ को सौंप देगी।