बसंत पंचमी: सरसों के पीले खिलखलाते फूलों के साथ देशभर में मनाया जा रहा है सरस्वती पूजा का त्योहार

New Delhi

आज बसंत पंचमी है। पूरे भारत में बसंत पंचमी के अवसर पर मां सरस्वती की पूजा अर्चना की जा रही है। ज्ञान की देवी सरस्वती के लिए पूरे वर्ष भर में आज ही के दिन पूजा पाठ किया जाता है।

बसंत पंचमी का महत्व इसलिए है क्योंकि इस वक्त सभी फसलों का जीवन चरम पर होता है। चारों तरफ सरसों के पीले पीले फूल और दूसरी सभी फसलों के जवान होते हुए कोमलय को देखा जा सकता है।

बसंत पंचमी का ऐतिहासिक महत्व यही है कि आज के दिन सर्दी को जाती हुई और गर्मी को आती हुई के रूप में देखा जाता है। इस मौसम में न तो अधिक सर्दी होती है और ना ही अधिक गर्मी होती है। इसलिए लोगों को पूरे वर्ष भर में यह मौसम सबसे सुहावना लगता है।

राजस्थानज़ हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, बिहार समेत कई राज्य में आज के दिन बसंत पंचमी को बड़े जोर-शोर के साथ मनाया जाता है। इसके साथ ही दक्षिण भारत के राज्य में भी बसंत पंचमी का उल्लास अपने चरम पर होता है।

सरकारी विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों के साथ ही प्राइवेट स्कूलों, कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में भी छात्र छात्राओं के द्वारा आज के दिन बसंत पंचमी को पूरे उल्लास के साथ मनाया जाता है।

देश के कई भागों में आज के दिन लोग त्योहार के तौर पर मिठाईयां बनाते हैं और पूरे दिन भर खुशियों का इजहार करते हैं। बच्चों और युवाओं के लिए यह त्यौहार खासतौर से विशेषता लिए हुए होता है।

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तमाम तरह की फसलों की जवानी और सरसों के खिलखिलाते पीले पीले फूल, इसके साथ ही बच्चों के चेहरों पर मुस्कान और युवाओं के योगदान को देखते ही बसंत पंचमी का त्यौहार अपने आप में खास हो जाता है।