5000 महीना, 30×40 गज का मकान, 2 साल राशन और 1.5 लाख मकान के लिए मिलेगा

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New delhi

उत्तर-पूर्वी राज्यों में भारत सरकार का विशेष फोकस चल रहा है। लंबे समय से वहां की समस्याओं के समाधान के लिए नरेंद्र मोदी की पहली सरकार और अब दूसरी सरकार में भी इन राज्यों में लगातार हुई समस्याओं की तरफ फोकस किया जा रहा है।

इसी सिलसिले में एक दिन पहले ही, यानी गुरुवार को गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में 25 साल पुरानी समस्या का समाधान एक समझौते के तहत किया गया है, जिसमें 30,000 से ज्यादा परिवारों को फायदा होगा।

अमित शाह ने कहा कि सभी ट्राइबल भाइयों बहनों को बहुत-बहुत बधाई देना चाहता हूं कि लगभग 25 साल से जो समस्या आपकी लिंगरिन तोम्बे समस्या आगे बढ़ती थी, आज उसका एक समाधान हो गया है। जो समस्या बढ़ती जा रही थी, आज उसका एक समाधान हो गया है।

उड़ीसा के मुख्यमंत्री, मिजोरम के मुख्यमंत्री, त्रिपुरा सरकार के हमारे नेता, महाराजा को भी बहुत धन्यवाद करना चाहता हूं कि आज उसको एक लॉजिकल एंड तक पहुंचा है। मित्रों 1997 नागालैंड मिजोरम के अंदर टेंशन हुआ, उस समय 1997 नागालैंड मिजोरम के अंदर अथेलिक टेंशन हुआ।

इसके कारण उस समय लगभग 30,000 त्रिपुरा में टेंपल रन कैंप में रखी गई, वहीं से लेकर आज तक उनके परमानेंट सलूशन का कोई रास्ता नहीं निकला था। 3 जुलाई 2018 में नरेंद्र मोदी सरकार ने टीपुर सरकार,मिजोरम सरकार और ब्रयु प्रतिनिधियों के बीच में समझौता की घोषणा की, जिसमें आप सभी लोगों को मिजोरम में रखने की व्यवस्था बनी थी।

परंतु कई कारणों से कई सारे लोग मिजोरम में जाना नहीं चाहते थे तो 18, 19 में सिर्फ 328 ही निवास कर पाए। नरेंद्र मोदी के कारण एक के बाद एक की गई पहल के कारण सारी समस्याओं का समाधान हुआ।

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ब्रयु परिवार जो आज लगभग 30,000 के आसपास होते हैं, वह सभी को त्रिपुरा में ही परमानेंट बसाने की व्यवस्था की जाएगी। जिसमें मुझे आनंद है कि सभी ब्रयु संगठनों ने सहमति दी है और मिजोरम और त्रिपुरा सरकार ने भी सहमति थी।

उनको वहां पर 40 बाई 30 का एक आवासीय प्लॉट दिया जाएगा और समझौते के अनुसार उनके परिवार के नाम पर की जाएगी। ₹5000 प्रतिमाह नकद सहायता दी जाएगी। 2 साल तक पूरा राशन भारत सरकार की ओर से दिया जाएगा और मकान बनाने के लिए डेढ़ लाख रुपया दिए जाएंगे, जिससे वह अपना मकान बना सके।

आज 31000 लोगों के लिए भारत सरकार ने अप्रूव कर कर उनको एक नया जीवन, नई शुरुआत देने का प्रयास किया है। 23 सालों से ब्रयु और जनता भी जो त्रिपुरा में रहते थे। आज नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उनकी इस समस्या का समाधान होने जा रहा है। बड़ा आनंद आता है।

नॉर्थ ईस्ट का मतलब परमानेंट सॉल्यूशन आज इसका, जो निकल निकल गया है। इसके बाद मुझे विश्वास है कि दोनों सरकारें मिलकर मिजोरम और त्रिपुरा सरकार मिलकर यह बयान परिवारों के सर्वांगीण विकास के लिए उनके परिवार के सभी प्रकार के विकास के लिए कटिबद्ध रहेगी और भारत सरकार भी हमेशा उनके कल्याण के लिए जागरूक भी रहेगी और मदद में भी रहेगी।

थोड़े समय पहले ही त्रिपुरा में एनएलएसडी संगठन था, इसके 88 लोगों ने समर्पण किया था। लगभग 50 के आसपास ऑटोमेटिक विपन सरेंडर किए गए थे और 1980 में उसको समाप्त किया गया था।

इसके बाद के लिए एक बड़ा कदम है विशेष के लोगों का समस्याए त्रिपुरा की जो बहुत समय से पेंडिंग थी एक अन्य लगती है। के नचारी ग्रुपों का सरेंडर करना और रूम पर यंग लोगों का निवास का परमानेंट सॉल्यूशन लाना अजीत दोनों समस्याओं का जहां पर अंत आता है।

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इसके कारण मिजोरम में भी एक प्रकार से फरस्टेशन का भाव था कि मिजोरम के ही नागरिक पर मिले हुए भी काफी अच्छा संदेश जाएगा। विशेषकर से ज्यादा उनके लिए जीवन की नई शुरुआत होगी।

30 साल तक एक प्रकार से जीवन जीने के अंदर रहते थे, ना वहां पर स्वास्थ्य की सुविधाएं थी, किसी प्रकार की व्यवस्था थी, अपने खुद के घर में बात करेंगे तो आज एक बहुत पुरानी 25 साल पुरानी समस्या का परमानेंट समाधान मोदी के नेतृत्व में निकला है।

इसलिए मैं देश के गृह मंत्री रातें सुधांशु शर्मा के राजा साहब हमारे साथी पक्षों के सारे नेता एनसी और ब्रयु यांग संगठनों के सभी अधिकारियों को सभी पदाधिकारियों को बधाई देता हूं और शुभकामनाएं।

आप और आपके परिवार के लिए आप सभी का धन्यवाद और नरेंद्र मोदी की आप लोगों तक पहुंचे और आप सब के समान भारत के हर नागरिक की सारी सुविधाएं मिले, इसके लिए भारत सरकार कटिबद्ध है आपके साथ हमेशा खड़ी रहेगी।