वामपंथी गुंडों का अड्डा है जेएनयू: डॉ. पूनियां

Jaipur news

दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में बीती रात को हुए झगड़े पर अपनी राय व्यक्त करते हुए बीजेपी अध्यक्ष डॉक्टर सतीश पूनिया ने कहा कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, जामिया मिलिया विश्वविद्यालय और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में इस तरह की गतिविधियां होना आम बात है, लेकिन जिस तरह से वामपंथी गुंडों ने बीती रात को जेएनयू में आतंक मचाया दुर्भाग्यपूर्ण है और यह साजिश नजर आती है।

क्योंकि जैसे ही घटना घटी बृंदा करात, सीताराम येचुरी, प्रकाश करात, अलका लांबा जैसे लोग पहुंच गए। स्पष्ट है कि कहीं न कहीं इस गुंडागर्दी के पीछे वामपंथियों के तार जुड़े हुए हैं।

नागरिकता संशोधन कानून को लेकर डॉक्टर सतीश पूनिया ने कहा कि अब सामान्य मुसलमान के मन में भी यह भ्रांति दूर होने लगी है कि इससे उनके नागरिकता को कोई खतरा नहीं है, यह विपक्ष के द्वारा फैलाया हुआ प्रपंच है।

उन्होंने कहा कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय को अब तक कांग्रेस और वामपंथी गुंडों ने अपना अड्डा बनाया हुआ था, जिस तरह का कैंपस जेएनयू को रखा गया उसे स्पष्ट है कि वहां पर स्वस्थ कैंपस नहीं था और शिक्षा के लिए माहौल नहीं था।

अब धीरे-धीरे वहां पर स्थितियां सुधरने लगी है तो इन लोगों के पेट में तकलीफ होने लगी हैं, बिलबिला रहे हैं, इसलिए इस तरह गुंडागर्दी वाली हरकतें कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय कैंपस में अब तक देश विरोधी गतिविधियां हो रही थी और तमाम देश विरोधी लोग वहां पर जुटे हुए थे।

कल जिस तरह की घटना हुई और उसके बाद वामपंथी नेताओं का तुरंत प्रभाव से जमावड़ा हुआ, उससे स्पष्ट है कि इन्हीं लोगों के द्वारा इस घटना को कारित किया गया था।

यह भी पढ़ें :  12 लाख करोड़ सोने की खदानों पर ज़हरीले सांपों का पहरा

एक खबर को लेकर किए गए सवाल पर प्रतिक्रिया देते हुए और सतीश पूनिया ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी में सबसे मजबूत कार्यकर्ता होता है, और कार्यकर्ता के द्वारा किया गया कार्य ही श्रेष्ठ होता है।

उन्होंने कहा कि पार्टी में सामूहिक तौर पर जीत और हार की जिम्मेदारी तय की जाती है, किसी एक व्यक्ति के नाम पर न तो जीत का श्रेय दिया जा सकता और ना ही हार थोपी जा सकती है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि अध्यक्ष होने के नाते आज राजस्थान में जीत और हार की जिम्मेदारी उनकी होती है, पार्टी में सामूहिक रूप से जिम्मेदारी होती है, इसमें किसी व्यक्ति विशेष की कोई महत्व नहीं होती है।

राजस्थान में बीते 1 साल के दौरान महिला अत्याचार में 30% की बढ़ोतरी पर बात करते हुए सतीश पूनिया ने कहा कि लोक कल्याणकारी सरकारों की जिम्मेदारी होती है कि अपराध कम किया जाए।

लेकिन राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, जो कि राजस्थान के गृहमंत्री भी हैं और जिस तरह से अपराध बढ़ रहे हैं, उससे ऐसा प्रतीत होता है कि जयपुर अब राजस्थान की राजधानी नहीं, बल्कि अपराध की राजधानी हो गया है।

उन्होंने कहा कि राजस्थान में ऐसा पहली बार हो रहा है, पुलिस पर हमले हो रहे हैं और पुलिस के जवान शहीद हो रहे हैं, लेकिन राज्य सरकार चुप बैठी हुई है।