सचिन पायलट को कांग्रेस ने इसलिए स्टार प्रचारक बनाया है!

जयपुर। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री सचिन पायलट को पश्चिम बंगाल, केरल, असम, तमिलनाडु और पुडुचेरी में होने वाले चुनाव के लिए राष्ट्रीय स्तर पर स्टार प्रचारकों की सूची में शामिल किया गया है।

कांग्रेस पार्टी के द्वारा जिन 30 नेताओं की सूची जारी की गई है, उसमें सचिन पायलट 13 स्थान पर हैं, जबकि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत छठे स्थान पर हैं।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ ही पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को भी स्टार प्रचारकों की सूची में शामिल किया गया है, लेकिन महज एक विधायक होने के बावजूद सचिन पायलट को स्टार प्रचारक बनाया गया है, जो लोगों के लिए काफी आश्चर्य का विषय है।

सचिन पायलट को स्टार प्रचारक क्यों बनाया गया है, इसके पीछे की कहानी समझने के लिए सबसे पहले मध्य प्रदेश के उपचुनाव और बिहार के चुनाव पर दृष्टि डालना जरूरी है।

मध्य प्रदेश की जिन सीटों पर उपचुनाव हुआ था, उन सभी सीटों पर सचिन पायलट के द्वारा प्रचार किया गया था और चंबल रीजन की तमाम सीटों में से सचिन पायलट की वजह से ही कांग्रेस पार्टी 7 सीटों पर जीतने में कामयाब रही थी।

इसी तरह से बिहार में भी सचिन पायलट के द्वारा चुनाव प्रचार किया गया था और बताया जाता है कि सचिन पायलट के द्वारा जहां पर प्रचार की रैलियां की गई थी वहां पर कांग्रेस पार्टी को बड़े पैमाने पर वोट मिले थे। पायलट की रैलियों की भीड़ इसकी गवाह भी है।

भले ही सचिन पायलट को जुलाई के महीने में उप मुख्यमंत्री और पीसीसी अध्यक्ष पद से बर्खास्त कर दिया गया हो, किंतु जनता में उनकी अपील अभी भी कायम है और उनको देखने के लिए भीड़ आसानी से एकत्रित हो जाती है।

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संभवत यही सबसे बड़ा कारण है कि सचिन पायलट को पांच राज्यों में होने वाले चुनाव के दौरान स्टार प्रचारक बनाया गया है, जबकि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बोलने में भी तो चलाते हैं, बावजूद इसके मुख्यमंत्री होने के कारण ही उनको प्रचारकों की सूची में शामिल किया गया है।

सचिन पायलट के साथ प्लस पॉइंट यह भी है कि उनकी हिंदी और अंग्रेजी दोनों पर मजबूत पकड़ है। पांच राज्यों में स्थानीय भाषा के अलावा अंग्रेजी समझने वाले बड़े पैमाने पर हैं। सचिन पायलट अंग्रेजी में भी अच्छा भाषण दे सकते हैं, जबकि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अंग्रेजी में भाषण नहीं दे सकते।