वसुंधरा राजे ने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को दी सीधी चुनौती!

– पूर्व मुख्यमंत्री के जन्मदिन के अवसर पर 8 सांसद, लगभग 18 विधायक, करीब 30 पूर्व विधायक और 12 पूर्व जिलाध्यक्ष पहुंचे, लेकिन नहीं जुटी मन माफिक भीड़।

जयपुर। राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे के द्वारा अपने जन्मदिन के एक दिन पहले रविवार को जबरदस्त शक्ति प्रदर्शन किया गया। बावजूद इसके वर्तमान व पूर्व विधायकों-सांसदों का मन मुताबिक जमघट नहीं लगा।

वसुंधरा राजे के द्वारा उत्तर प्रदेश में पड़ने वाले गिरिराज महाराज के दर्शन करने, वहां पर पूजा अर्चना करने के साथ ही एक बड़ी रैली का आयोजन किया गया।

वसुंधरा राजे की इस रैली को भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को सीधी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है क्योंकि भाजपा सूत्रों का दावा है कि पिछले दिनों जब भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा जयपुर में आए थे तब उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से वसुंधरा राजे को संगठन के अलग होकर शक्ति प्रदर्शन नहीं करने की हिदायत दी थी।

मजेदार बात यह है कि भाजपा के वर्तमान सांसदों में से 8 सांसद वसुंधरा राजे के इस कार्यक्रम में पहुंचे जबकि जानकारी के मुताबिक डेढ़ दर्जन वर्तमान विधायक भी वसुंधरा राजे के प्रोग्राम में शिरकत करने पहुंचे।

सांसदों की बात की जाय तो इस कार्यक्रम में दुष्यंत सिंह, मनोज राजौरिया, रामचरण बोहरा, सुखबीर सिंह, जौनपुरिया, रंजीता कोली,बाबा बालकनाथ, अर्जुनलाल मीणा, रामकुमार वर्मा पहुचे।

पूर्व मुख्यमंत्री के इस कार्यक्रम में भरतपुर के जिला अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह और तमाम मंडलों के अध्यक्ष भी पहुंचे। जबकि, भरतपुर में ही होने के बावजूद प्रदेश मंत्री महेंद्र जाटव, जिला भाजपा के वरिष्ठ नेता नेमसिंह फौजदार ने वसुंधरा राजे के इस कार्यक्रम से दूरी बनाए रखी।

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उत्तर प्रदेश राज्य में पढ़ने वाले गिर्राज महाराज के दर्शन करने के बाद वसुंधरा राजे का भरतपुर के पूछरी का लोटा में कार्यक्रम था।

यहां पर वसुंधरा राजे के करीबी विधायकों में प्रताप सिंह सिंघवी, अशोक लाहोटी, कालीचरण सराफ के अलावा कालूराम गुर्जर, राजपाल सिंह शेखावत, अशोक परनामी, प्रल्हाद गुंजल, यूनुस खान समेत एक दर्जन पिछली सरकार में मंत्री और विधायक रहे लोग भी मौजूद थे।

वसुंधरा राजे कार्यक्रम स्थल पर हेलीकाप्टर से पहुंची यहां पर मौजूद हजारों लोगों की भीड़ को संबोधित करते हुए वसुंधरा राजे ने कहा कि वह राजमाता विजय राजे सिंधिया की बेटी हैं, जिन्होंने जनसंघ के समय दीपक को बुझने नहीं दिया और बाद में गठित हुई भाजपा के कमल को कभी मुरझाने नहीं दिया, राष्ट्रवाद उनकी रग रग में है, पार्टी के लिए उनकी मां और उन्होंने खुद ने बड़े बलिदान दिए हैं।

भाजपा ने इशारों ही इशारों में एक तरफ जहां प्रदेश नेतृत्व के ऊपर हमला बोला तो इसके साथ ही उनको पार्टी से बाहर दिखाने या फिर उनके समर्थकों को प्रदेश संगठन में स्थान नहीं देने के मामले को लेकर भी अप्रत्यक्ष रूप से काफी कुछ कह दिया।

चूंकि प्रदेश नेतृत्व के मुखिया सतीश पूनिया को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का राजस्थान में प्रतिनिधि माना जाता है।

ऐसे में माना जा रहा है कि अगर वसुंधरा राजे के द्वारा प्रदेश नेतृत्व के मुखिया सतीश पूनिया को अप्रत्यक्ष रूप से भी कुछ कहने यह समझाने का प्रयास किया गया है तो इसे स्पष्ट है कि वसुंधरा राजे भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को सीधे तौर पर चुनौती दे रही हैं।

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इस अवसर पर वसुंधरा राजे के द्वारा कहा गया कि भगवान कृष्ण के क्षेत्र में उनकी सरकार के वक्त 200 करोड़ के से ज्यादा का कार्य करवाया गया था और खुशी की बात यह है कि अयोध्या में भगवान श्रीराम का मंदिर बन रहा है, उसके लिए पत्थर का कार्य भरतपुर से ही हो रहा है।

वसुंधरा राजे सोमवार को आदि बद्री के दर्शन करेंगे और यहीं पर अपना जन्मदिन भी मनाएंगी, इसके बाद उनका शाम को धौलपुर अपने आवास पर जाने का कार्यक्रम है।

इससे पहले जानकारी में आया था कि वसुंधरा राजे के द्वारा 9 मार्च को भरतपुर से जयपुर तक विशाल काफिले के साथ वाहन रैली निकालने की योजना थी, किंतु भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के द्वारा इसकी अनुमति नहीं दिए जाने के कारण प्रोग्राम को बदला गया है।