नींद में था पाक और भारत के वीरों ने बालाकोट को कर दिया नेस्तनाबूद

जयपुर। जम्मू कश्मीर के पुलवामा में पाकिस्तान के आतंकवादियों के द्वारा जब सेना के काफिले में एक दो पहिया वाहन घुसा कर आईईडी से ब्लास्ट कर देश के 45 वीर सैनिकों के प्राण के लिए गए थे तब भारत की वायु सेना के वीरों ने पाकिस्तान को नींद में ही ऐसा झटका दिया जो कभी भूल नहीं पाएंगे।

शहीद हुए थे 44 सैनिक

14 फरवरी 2019 को जब भारतीय थल सेना की गाड़ियों का काफिला पुलवामा से होकर गुजर रहा था, तब एक कार के द्वारा इस काफिले में घुसकर ब्लास्ट किया गया था। इस भयानक ब्लास्ट में भारत के 44 सैनिक मौके पर ही शहीद हो गए थे और एक सैनिक को अस्पताल में वीरगति प्राप्त हुई थी।

आचार संहिता में इतनी बड़ी कार्रवाई

फरवरी का महीना था और देश में आम चुनाव के लिए आचार संहिता लग चुकी थी, लेकिन भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाहन पर सवार होकर भारतीय वायु सेना के द्वारा केवल 12 दिन के भीतर ही पाकिस्तान के अंदर घुस कर बालाकोट, मुजफ्फराबाद और चिकोटी में तीन जगह आतंकवादियों के ठिकानों पर बमवर्षा की गई।

पाकिस्तान के अंदर 80 किलोमीटर तक मार गिराए बम

भारतीय वायु सेना के वीरों के द्वारा आज सुबह जब पाकिस्तान पूरा नींद के आगोश में था, तब पाकिस्तान के अंदर घुस कर करीब 80 किलोमीटर अंदर बालाकोट, मुजफ्फराबाद और चिकोटि में तीन जगह इतनी जबर्दस्त बमबारी की गई कि पाकिस्तान के करीब 400 आतंकवादी और सैनिक मारे गए।

केवल 48 घंटे में छोड़ना पड़ा अभिनंदन

भारतीय वायु सेना की इस जबरदस्त कार्रवाई में एक मिग-21 पायलट अभिनंदन समेत क्रेश होकर पाकिस्तान की सीमा में गिर गया, जिसमें अभिनंदन को पाकिस्तानी सेना के द्वारा पकड़ लिया गया। बाद में भारत सरकार के द्वारा बनाए गए अंतरराष्ट्रीय प्रेशर को पाकिस्तान जेल नहीं पाया और केवल 48 घंटे के भीतर अभिनंदन को सकुशल भारत भेजना पड़ा।

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इस बेहद महत्वपूर्ण कार्रवाई में भारतीय वायु सेना का एक व्यक्ति क्रैश हुआ। इसके अलावा गलतफहमी में वायुसेना का एक हेलीकॉप्टर भारतीय वायु सेना के द्वारा मार गिराया गया, किंतु तब से लेकर अब तक पाकिस्तान के द्वारा भारत की तरफ आंख उठाने की हिम्मत नहीं की गई है।

पहले कार्यकाल में पाकिस्तान को धूल चटाई

आज भले ही भारत का सबसे बड़ा दुश्मन चीन हो, किन्तु वर्ष 2014 से लेकर 2019 के कालखंड में पाकिस्तान को जिस तरह से भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व भारतीय सरकार के द्वारा नेस्तनाबूद में किया गया है, उसके बाद पाकिस्तान आज कंगाली की हालत में है।

चीन भी नहीं कर पा रहा है पाकिस्तान की मदद

पाकिस्तान से समर्थन करने वाले आतंकवाद में पिछले करीब 40 साल से भारत की सीमाओं पर खूब तबाही मचाई गई है, किंतु साल 2014 में बनी भारत में नरेंद्र मोदी की मजबूत सरकार के द्वारा जिस तरह से पाकिस्तान को दुनिया भर से अलग-थलग कर दिया गया है। आज पाकिस्तान को कोई कर्ज देने को तैयार नहीं है। अब पाकिस्तान में केवल आतंकवादियों को शरण देने से घबरा रहा है, बल्कि चीन जैसा मजबूत देश भी पाकिस्तान को खुलेआम मदद नहीं कर पा रहा है।