नुकीले तारों से सड़क बन्द, किसान की ताकत से मोदी सरकार को इतना डर क्यों है?

गाजीपुर। केंद्र सरकार के द्वारा बनाए गए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ 71 दिन से किसान धरने पर बैठे हुए हैं। इस बीच किसानों के द्वारा 6 फरवरी को देश भर में चक्का जाम करने का ऐलान किया गया है।

सड़क पर बैरिकेडिंग के अलावा 9 केले तारों से रोक लगाने के कारण किसानों का कहना है कि केंद्रीय नरेंद्र मोदी सरकार किसानों से बुरी तरह से डर गई है, इसलिए इस तरह तानाशाही पूर्ण रवैया अपना रही है।

इधर गाजीपुर बॉर्डर पर बैठे भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत के धरने के 3 किलोमीटर के दायरे में नेशनल हाईवे नंबर 24 परी कई स्तरीय बैरिकेडिंग की गई है। सड़क पर नुकीले तार लगाए गए हैं, ताकि कोई भी वाहन वहां से गुजरे तो पंचर हो जाए।

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा है कि सरकार और प्रशासन को डर है कि कहीं किसान दिल्ली में नहीं घुस जाए, लेकिन उनका दिल्ली में घुसने का कोई इरादा नहीं है। किसान शांति पूर्वक अपना धरना जारी रखेंगे।

nail 7

इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि अगर सरकार उनकी मांगों को नहीं मानती है तो उनका धरना अक्टूबर तक भी ऐसे ही जारी रहेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि दिल्ली की सरकार से नए उनको पानी चाहिए ना बिजली चाहिए और ना ही राशन चाहिए।

उल्लेखनीय है कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर सिंघु बॉर्डर से आए कुछ उत्तेजित लोगों के द्वारा लाल किले पर धार्मिक झंडा लगा दिया गया था। उसके बाद से 144 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है, जिनमें से 122 को गिरफ्तार किया जा चुका है। एक पत्रकार मनदीप पूनिया को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

यह भी पढ़ें :  पहलू खान के लिए न्याय मांगने वाली प्रियंका वाड्रा क्या सिख विरोधी दंगों और कश्मीरी पंडितों पर हुई मॉब लिंचिंग पर न्याय नहीं मांग सकती?

सिंधु बॉर्डर पर बैठे किसानों के नेता के द्वारा राकेश टिकैत पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने किसानों के आंदोलन को सरकार को भेज दिया है। इस पर राकेश टिकैत की तरफ से अभी तक कोई खास प्रतिक्रिया नहीं आई है। टिकैत ने कहा है कि 6 फरवरी को पूरे देश भर में सभी जिला मुख्यालयों पर कलेक्टरों को और तहसील मुख्यालय पर एसडीएम को ज्ञापन देकर कानूनों को वापस लेने के लिए मांग की जाएगी।

Social media में दावा किया जा रहा है कि पूरे देश भर की सभी सड़कों को जाम किया जाएगा। हालांकि खुद राकेश टिकैत ने कहा है कि दिल्ली जाने वाली किसी भी सड़क को रोका नहीं जाएगा और यह जाम केवल सांकेतिक है।

दूसरी तरफ केंद्र सरकार के द्वारा पिछले दिनों प्रधानमंत्री के द्वारा एक फोन कॉल की दूरी पर आंदोलन खत्म करने के प्रस्ताव पर आगे कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई है। ऐसे में माना जा रहा है कि गतिरोध और भी लंबा चल सकता है।