26 जनवरी को 6 लाख किसान ट्रैक्टर के साथ करेंगे दिल्ली की आउटर रिंग रोड पर परेड

नई दिल्ली। स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार 26 जनवरी को दिल्ली की आउटर रिंग रोड के ऊपर करीब 6 लाख ट्रैक्टरों के साथ किसान परेड करेंगे।

इस परेड की तैयारी के लिए 2 दिन से किसान जुटे हुए हैं। इसके अनुमति केंद्र सरकार के द्वारा 4 दिन पहले ही दे दी गई थी, जब केंद्र सरकार के साथ किसानों की 11 में दौर की वार्ता विफल हो गई थी और किसानों ने परेड के लिए हुंकार भरी थी।

पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों से बड़े पैमाने पर ट्रैक्टर लेकर किसान दिल्ली कूच कर रहे हैं। 26 जनवरी को एक तरफ जहां हमेशा की भांति जवान जनपद पर परेड करेंगे तो दूसरी तरफ दिल्ली की आउटर रिंग रोड पर किसान अपने ट्रैक्टरों के साथ परेड करते हुए नजर आएंगे।

किसान संगठनों के नेताओं का दावा है कि इस परेड में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर ट्रैक्टर और किसान शामिल हो रहे हैं। इससे पहले भारत के इतिहास में कभी भी इतने ट्रैक्टरों ने परेड नहीं की है, केंद्र सरकार को बताएंगे कि अन्नदाता की ताकत क्या है।

इस बीच चीन और पाकिस्तान से सोशल मीडिया के माध्यम से किसानों को भड़काने, उनमें असामाजिक तत्व घुसाने, उत्पात पैदा करने और दिल्ली के अंदर घुसने के प्रयास की तमाम संभावनाओं को देखते हुए दिल्ली पुलिस, सीआईएसएफ व सीआरपीएफ की टुकड़ियों को जगह-जगह सुरक्षा के जाब्ते में लगाया गया है।

यह भी माना जा रहा है कि देश के भीतर बैठे हुए कुछ उपद्रवी और सरकार की खिलाफत करने वाले विभिन्न संगठन किसानों के इस आंदोलन के माध्यम से उत्पात मचा सकते हैं और गृह युद्ध भड़काने जैसी स्थिति भी पैदा कर सकते हैं, जिसके निपटने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय कई दिनों से तैयारी कर रहा है।

यह भी पढ़ें :  राम मंदिर के लिए चंदा नहीं देने वाले कांग्रेस कोषाध्यक्ष पवन बंसल पर भड़के राजेन्द्र राठौड़