5 घंटे चली वार्ता खत्म, अगली बैठक 4 को, सरकार MSP की लिखित गारंटी पर तैयार

नई दिल्ली। जून के महीने में लाए गए तीन कृषि सुधार कानूनों (Agriculture law’s) को लेकर आज केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Narendra singh tomar) और केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल (Piyush goyal) के साथ विभिन्न किसान संगठनों की 5 घंटे चली वार्ता अभी-अभी समाप्त हो गई है।

यह वार्ता सातवें दौर की थी और 5 घंटे की लंबी बैठक के बाद कुछ बिंदुओं के ऊपर दोनों पक्षों में सहमति बनी है, लेकिन पूर्ण सहमति नहीं बनने के कारण अबे आठवें दौर की वार्ता 4 जनवरी को फिर से होगी।

किसान संगठनों के द्वारा वार्ता के बाद बाहर आने पर उन्होंने बताया कि सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) जारी रखने की गारंटी लिखित में देने को तैयार है, लेकिन तीनों कृषि कानूनों को बिल्कुल यथावत रूप में वापस लेने से साफ इनकार कर दिया है।

इससे पहले सरकार के द्वारा आमंत्रित किए गए किसान संगठनों ने दोपहर करीब 3:00 बजे पहले विज्ञान भवन में केंद्रीय मंत्रियों के साथ वार्ता शुरू की। इस दौरान लंच के वक्त किसान संगठनों और सरकार के साथ नरमी दिखाई दी।

केंद्रीय कृषि मंत्री ने किसान संगठनों के नेताओं के साथ एक साथ लंच किया और किसानों ने भी अपनी तरफ से शक्ति छोड़ते हुए सरकार के भोजन का आनंद उठाया।

उल्लेखनीय है कि तीन कृषि कानूनों को लेकर आज मैं तीसरे दिन भी पंजाब के सिंघु बॉर्डर, हरियाणा के टिकरी बॉर्डर और राजस्थान हरियाणा के शाहजहांपुर में किसानों का धरना जारी है।

किसान संगठनों का स्पष्ट तौर पर कहना है कि सरकार जब तक तीन कृषि कानूनों को यथावत रूप में वापस नहीं लेगी तब तक धरना खत्म नहीं किया जाएगा, जबकि सरकार ने कह दिया है कि कुछ संशोधनों के साथ वार्ता की जा सकती है लेकिन तीनों कानूनों को निरस्त नहीं किया जा सकता है।

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कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का कहना है कि आज विज्ञान भवन में किसान आंदोलन में शामिल नेताओं के साथ बैठक हुई। बैठक में किसान यूनियन के नेताओं ने जो 4 विषय चर्चा के लिए रखे थे, उनमें से 2 विषयों पर आपसी सहमति सरकार और किसान यूनियनों के बीच हो गई है।