JNU में दो साल से ढकी स्वामी विवेकानंद की मूर्ति का प्रधानमंत्री मोदी ने किया अनावरण

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में 2 साल से अधिक समय से ढकी स्वामी विवेकानंद की मूर्ति का अनावरण कर दिया है।

इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश निशंक पोखरिया वालों ने भी शिरकत की। इसके साथ यह विश्वविद्यालय के कुलपति जगदीश कुमार ने भी छात्रों को संबोधित किया।

प्रधानमंत्री ने विश्वविद्यालय के शिक्षकों छात्रों और देश के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय के कैंपस अनेका अनेक विचारों के केंद्र होते हैं और सभी को वाद विवाद, प्रतियोगिता और बहस के जरिए अच्छे रिजल्ट तक पहुंचना चाहिए।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय अनेक विचारों का केंद्र रहा है। यहां के सभी हॉस्टल नदियों के नाम पर हैं, जिससे साफ तौर पर साबित होता है कि सभी विचार अलग अलग रहकर भी देश के लिए एक हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि चाहे देश की आजादी का समय हो या फिर आपात काल का समय हो, उस वक्त कांग्रेस के कार्यकर्ता और पूर्व नेताओं के अलावा आरएसएस, जनसंघ, समाजवादी लोग और मार्क्सवादी विचारधारा के लोग भी एक मंच पर आकर देश के लिए लड़ रहे थे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सेंस ऑफ ह्यूमर सबसे ज्यादा छात्र जीवन में ही होता है और पढ़ाई के बोझ तले किसी भी छात्र का कि विवेकशीलता कभी खत्म नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी छात्र छात्राओं को अध्ययन के साथ अपने विवेकशीलता को भी कायम रखना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने स्वामी विवेकानंद के द्वारा अमेरिका में जा कर दिए गए भाषण को याद करते हुए कहा कि पिछली शताब्दी के शुरुआत में ही स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि यह शताब्दी आपकी है और उन्होंने इसके साथ ही यह भी कहा था कि 21वीं शताब्दी निश्चित ही भारत की होगी।

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इससे पहले प्रधानमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से हम मूर्ति का अनावरण किया। यह मूर्ति विश्वविद्यालय के कैंपस में 2 साल से अधिक समय से लगाई हुई है, किंतु अनावरण नहीं किया गया था। अब युवाओं के प्रेरणा स्रोत विवेकानंद की मूर्ति के नीचे बैठकर छात्र वाद विवाद और बहस कर सकेंगे।