National war memorial new delhi

नई दिल्ली।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज दिल्ली में इंडिया गेट के पास 40 एकड़ में नेशनल war Memorial का उद्घाटन किया है।

इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि आज देश का हर फौजी, हर नागरिक ये सवाल पूछ रहा है कि आखिर शहीदों के साथ ये बर्ताव क्यों किया गया?

देश के लिए खुद को समर्पित करने वाले महानायकों के साथ इस तरह का अन्याय क्यों किया गया?

वो कौन सी वजहें थीं, जिसकी वजह से किसी का ध्यान शहीदों के लिए स्मारक (Memorial) पर नहीं गया?

मोदी ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि इंडिया फर्स्ट और फैमिली फर्स्ट (india first or family first) का जो अंतर है, वही इसका जवाब है।

बोफोर्स से लेकर अगस्ता Helicopter सारी जांच एक ही परिवार तक क्यों जाती है? 1

स्कूल से लेकर अस्पताल तक, highway से लेकर एयरपोर्ट (airport) तक, स्टेडियम से लेकर award तक – हर जगह एक ही परिवार का नाम जुड़ा रहता था।

करीब ढाई दशक पहले इस स्मारक की फाइल चली थी, बीच में अटल जी की सरकार के समय बात आगे बढ़ी लेकिन उनकी सरकार के जाने के बाद स्थिति फिर जस की तस हो गई।

आज देश को राष्ट्रीय समर स्मारक मिलने जा रहा है लेकिन राष्ट्रीय पुलिस मेमोरियल (national police memorial) की भी तो यही कहानी थी।

इस मेमोरियल को बनाने और राष्ट्र को समर्पित करने का सौभाग्य भी हमारी ही सरकार को मिला।

Army के लिए अत्याधुनिक राइफलों को खरीदने और भारत में बनाने का काम भी हमारी सरकार ने ही शुरु किया है। हाल ही में सरकार ने 72 हजार आधुनिक राइफल की खरीद का ऑर्डर दिया है।

साथ ही हमारी सरकार ने 25 हजार करोड़ रुपए का एम्यूनीशन यानि गोला-बारूद और गोलियां मिशन मोड में खरीदी है।

बोफोर्स से लेकर Helicopter तक, सारी जांच का एक ही परिवार तक पहुंचना, बहुत कुछ कह जाता है। अब यही लोग पूरी ताकत लगा रहे हैं कि भारत में Rafale विमान न आ पाए।

अगले कुछ महीनों में जब देश का पहला राफेल, भारत के आसमान में उड़ान भरेगा, तो खुद ही इनकी सारी साजिशों को ध्वस्त कर देगा।

सेना और देश की सुरक्षा को उन लोगों ने अपनी कमाई का साधन बना लिया था।

शायद शहीदों को याद करके उन्हें कुछ मिल नहीं सकता था, इसलिए उन्हें भुलाना ही उन्हें आसान लगा।

साल 2009 में सेना ने 1 लाख 86 हजार बुलेट प्रूफ जैकेट की मांग की थी।

2009 से लेकर 2014 तक पाँच साल बीत गए, लेकिन सेना के लिए बुलेटप्रूफ जैकेट नहीं खरीदी गई।

ये हमारी ही सरकार है जिसने बीते साढ़े चार वर्षों में 2 लाख 30 हजार से ज्यादा बुलेट प्रूफ जैकेट खरीदी है।

हमारे प्रयासों में दुनिया के बड़े-बड़े देश हमारे साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलना चाहते हैं।

यही कारण है कि 2016 में हमारे International Fleet Review में 50 देशों की नौसेनाओं ने हिस्सा लिया था।

यही कारण है कि एक के बाद एक देश हमारे साथ रक्षा सहयोग के समझौते करना चाहते हैं।

देश की सेना को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में हम लगातार काम कर रहे हैं।जिन फैसलों को नामुमकिन समझा जाता था, उन्हें मुमकिन बना रहे हैं.

हमने रक्षा उत्पादन के पूरे ecosystem में बदलाव की शुरुआत की है। Licensing से Export प्रक्रिया तक, हम पूरे system में पारदर्शिता ला रहे हैं।

बहुत लंबे समय से आपकी मांग थी कि आपके लिए सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल बनाया जाए।

आज इस ऐतिहासिक अवसर पर मुझे आपको ये बताने का सौभाग्य मिला है कि एक नहीं बल्कि हम ऐसे तीन सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल बनाने जा रहे हैं।

राष्ट्रीय समर स्मारक की मांग कई दशक से निरंतर हो रही थी।

बीते दशकों में एक-दो बार प्रयास हुए लेकिन कुछ ठोस हो नहीं पाया।

आपके आशीर्वाद से साल 2014 में हमने राष्ट्रीय समर स्मारक बनाने के लिए प्रक्रिया शुरु की और आज तय समय से पहले ही इसका लोकार्पण होने वाला है।

आज मुझे बहुत संतोष है कि थोड़ी देर बाद आपका और देश का, दशकों लंबा इतंज़ार खत्म होने वाला है।

आज़ादी के सात दशक बाद मां भारती के लिए बलिदान देने वालों की याद में निर्मित राष्ट्रीय समर स्मारक, उन्हें समर्पित किया जाने वाला है।

मेरा ये स्पष्ट मानना है कि मोदी महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि इस देश की सभ्यता, संस्कृति और इतिहास सबसे ऊपर है।

मोदी याद रहे न रहे, परंतु इस देश के करोड़ों लोगों के त्याग, तपस्या, समर्पण, वीरता और उनकी शौर्यगाथा अजर-अमर रहनी ही चाहिए।