martyr Hari bhakar nagaur makrana
martyr Hari bhakar nagaur makrana

दिनेश कड़वा@मकराना।

पाकिस्तान ने एक बार फिर जम्मू-कश्मीर के पुंछ और नौशेरा में नियंत्रण रेखा (LOC) पर संघर्ष विराम का उल्लंघन किया है। शनिवार रात हुई भारी गोलाबारी में नागौर जिले के जवान हरिराम भाकर शहीद (martyr) हो गए।

हरिराम भाकर जिले की मकराना तहसील के जूसरी गांव के रहने वाले हैं। शहीद जाबांज हरि भाकर की पार्थिव देह रविवार शाम को जयपुर एयरपोर्ट पहुंची।

जवान के शहीद होने की सूचना से पूरा गांव गमगीन और स्तब्ध है। हरिराम भाकर 2016 में सेना में भर्ती हुए थे। सूत्रों के अनुसार पाक ने शनिवार को सीज फायर वॉयलेशन किया था। जवाबी कार्रवाई में भारतीय सेना ने पाकिस्तान की एक चौकी उड़ा दी।

सेना ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें ध्वस्त पाकिस्तानी चौकी नजर आ रही है। इसी दौरान शनिवार रात मेंं पाक ने फिर से सीजफायर किया, जिसमें हरिराम भाकर शहीद हो गए। शहीद भाकर 4 ग्रेनेडियर में तैनात थेेे।

जूसरी के जवान के शहीद होने की सूचना के बाद मकराना विधायक रूपाराम मुरावतिया जयपुर एयरपोर्ट पहुंचकर शहीद को श्रदांजलि दी।

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सोमवार को होगा अंतिम संस्कार

शहीद की पार्थिव देह रविवार शाम 6 बजे विशेष विमान से जयपुर पहुंची। देर रात सेना के वाहन जवान की पार्थिव देह लेकर पैतृक गांव जूसरी पहुंचेंगे। सोमवार सुबह सैन्य सम्मान से जूसरी गांव में जवान का अंतिम संस्कार किया जाएगा।

परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार शहीद हरिराम भाकर गत 15 फरवरी को ही गांव से वापस ड्यूटी पर गए थे। भाकर अपनी छोटी बहन की शादी में गांव आए थे।

दो भाई दोनों सेना में

हरीराम भाकर और हरेद्र दो जुड़वा भाई हैं। दोनों ही भाई भारतीय सेना में हैं। बड़े हरीराम भाकर थे और छोटा हरेन्द्र भाकर हैं।

शहीद हरीराम भाकर के पिता पदमाराम भाकर नजदीकी जूसरिया ग्राम पंचायत में पंचायत सहायक के पद पर कार्यरत हैं। 28 मार्च को शहीद हरीराम भाकर के परिवार में एक और शादी थी।

शहीद के पिता पदमाराम ने कहा है कि उनको फक्र है कि उनका बेटा उनकी उम्मीदों पर खरा उतरा। उन्होंने कहा कि उनके दो बेटे सेना में हैं, यदि और होते तो उनको भी सेना में ही भेजता। उन्होंने कहा कि यदि उनको सरकार मौका दे तो वह खुद भी सीमा पर जाकर लड़ने को तैयार हैं।