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—संसदीय सीट में आते हैं आठ विधानसभा क्षेत्र, जिले के मेड़ता व डेगाना क्षेत्र राजसमंद संसदीय क्षेत्र में।

दिनेश कड़वा
आम चुनाव-2019 को लेकर आदर्श आचार संहिता लागू हो चुकी है। इसे लेकर निर्वाचन विभाग ने भी पूरी तरह कमर कस ली है। नागौर संसदीय सीट से अपना सांसद चुनने के लिए यहां के आठ विधानसभा क्षेत्रों में निवास करने वाले कुल 19 लाख 13 हजार 46 मतदाता अपना सांसद चुनेंगे।

नागौर के अतिरिक्त जिला कलक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी डाॅ. नरेन्द्र कुमार थोरी ने सोमवार को पत्रकार वार्ता में इस आशय की जानकारी दी। उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि नागौर जिले में कुल दस विधानसभा क्षेत्र आते हैं, जिनमें से आठ नागौर संसदीय क्षेत्र तथा दो विधानसभा क्षेत्र मेड़ता व डेगाना राजसमंद संसदीय क्षेत्र में आते हैं।

नागौर जिले में कुल 24 लाख 92 हजार 37 मतदाता हैं, जिनमें से नागौर संसदीय क्षेत्र में 19 लाख 13 हजार 46 मतदाता आते हैं। इनके अलावा डेगाना व मेड़ता विधानसभा क्षेत्र के 4 लाख 96 हजार 191 मतदाता राजसमंद संसदीय क्षेत्र के लिए होने वाले चुनाव में अपने मत का प्रयोग करेंगे।

उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि नागौर संसदीय क्षेत्र में 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के कुल 1 लाख 49 हजार 127 मतदाता हैं। वहीं राजसमंद संसदीय क्षेत्र में आने वाले मेड़ता व डेगाना विधानसभा क्षेत्र में 11 हजार 160 मतदाता 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग में हैं।

जिले में कुल 2506 मतदान केन्द्र स्थापित किए गए हैं। इनके अतिरिक्त कुल 28 सहायक मतदान केन्द्र स्थापित करने का प्रस्ताव निर्वाचन विभाग को भेजा गया है। जिले में कुल 221 सेक्टर अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।

उप जिला निवार्चन अधिकारी ने पत्रकारों को बताया कि जिले में आदर्श आचार संहिता का अक्षरशः पालन होगा। लोकसभा चुनाव की तारीख की घोषणा के बाद से ही जिले में आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो गई है।

आचार संहिता के अंतर्गत स्थानांतरण, पोस्टर, बैनर, होर्डिंग्स, दीवार लेखन इत्यादि के माध्यम से प्रचार-प्रसार इत्यादि पर रोक रहेगी। मतदान से 48 घंटे पहले तक सभी प्रकार के प्रचार-प्रसार पर भी रोक लगा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को कहीं भी आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन होता दिखे तो वह टोल फ्री नंबंर 1950 पर इसकी शिकायत कर सकते हैं।

नागौर संसदीय सीट के लिए नामांकन 10 अप्रेल से
लोेकसभा चुनाव को लेकर नामांकन दाखिल करने, नाम वापसी, सिम्बल आबंटन तथा मतदान एवं मतगणना की तिथियां घोषित की जा चुकी है। राजस्थान में भी लोकसभा चुनाव के लिए मतदान के दो चरण होंगे। नागौर संसदीय सीट के लिए मतदान 6 मई तथा राजसमंद सीट के लिए मतदान इससे पूर्व 29 अप्रेल को होना है।

उप जिला निर्वाचन अधिकारी डाॅ. नरेन्द्र कुमार ने बताया कि राजस्थान के मुख्य निर्वाचन अधिकारी आनंद कुमार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार नागौर संसदीय क्षेत्र के लिए नामांकन प्रक्रिया की शुरूआत 10 अप्रेल से कर दी जाएगी, जिसकी अंतिम तिथि 18 अप्रेल रखी गई है।

नामांकन पत्रों की छंटनी का काम 20 अप्रेल तथा नाम वापसी की अतिथि 22 अप्रेल निर्धारित की गई है। यहां मतदान 6 मई को तथा मतगणना 23 मई को होगी। वहीं राजसमंद संसदीय क्षेत्र में आने वाले मेड़ता व डेगाना विधानसभा क्षेत्र में मतदान 29 अप्रेल को होगा।

आम चुनाव-2019 को लेकर जिले में मतदान के प्रति जागरूकता को लेकर स्विप गतिविधियां आयोजित की जा रही है। इन गतिविधियों में जिला स्तर पर कई नवाचार भी किए जाएंगे।

जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी व प्रभारी अधिकारी स्विप आम चुनाव- 2019 जवाहर चौधरी ने अब तक आयोजित हुई मतदाता जागरूकता गतिविधियों की समीक्षा की।

स्विप गतिविधि में नवाचार लाते हुए होली के अवसर पर जिले में नव मतदाताओं को गुलाल का तिलक लगाकर तथा पीले चावल देकर आम चुनाव-2019 को लेकर अप्रेल व मई में होने वाले मतदान में बढ-चढ़कर भाग लेने के लिए आमंत्रित किया जाएगा।

इसके साथ-साथ ऐसे युवा मतदाताओं को मतदान की पूरी प्रक्रिया समझाकर उन्हें अपने गांव-कस्बे में रहने वाले आमजन से भी मतदान करने के प्रति जागरूक करने में सहयोग करने के लिए अपील की जाएगी। इस काम में बूथ अवेयर्स ग्रुप स्थानीय बीएलओ का पूरा सहयोग करेंगे।

बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. सुकुमार कश्यप, स्विप गतिविधियों के सीपीओ श्रवणलाल रेगर, महिला पाॅलिटेक्निक महाविद्यालय, नागौर की विभागाध्यक्ष इन्दुबाला शर्मा, कार्यवाहक जनसंपर्क अधिकारी सुरेश पारीक, जिला आईईसी समन्वयक हेमन्त उज्जवल मौजूद थे।

आम चुनाव-2019 की स्विप गतिविधियों के जिला प्रभारी अधिकारी जवाहर चौधरी ने निर्देश दिए कि गत आम चुनाव-2019 तथा विधानसभा चुनाव-2018 में जिन बूथों पर मतदान 40 प्रतिशत से कम रहा है, वहां मतदान जागरूकता गतिवधियों को लेकर विशेष फोकस रखा जाए। यहां स्विप गतिविधियां करने के लिए माइक्रो प्लान बनाकर काम किया जाए।

उन्होंने सीपीओ श्रवणलाल रेगर को इसे लेकर स्विप गतिविधियों के एजेण्डे के मुताबिक शत-प्रतिशत कार्यक्रम करने के निर्देश दिए। उन्होंने मतोत्सव के आयोजन के बाद अब मतदान को लेकर संकल्प पत्र भरवाने के कार्यक्रम को भी समयबद्ध तरीके से आयोजित करने के निर्देश दिए।

इसके साथ-साथ माॅक पाॅल गतिविधियों की रिपोर्ट मास्टर ट्रेनर के जरिए संबंधित पंचायत समिति के विकास अधिकारी से प्रतिदिन मंगवाने के निर्देश दिए।