hanuman beniwal jyoti mirdha
hanuman beniwal jyoti mirdha

जयपुर।
इससे पहले 3 सीट मांग रहे बेनीवाल नागौर की सीट पर खुश हो गए हैं। उनके मैदान में आने से ज्योति मिर्धा की राजनीति लगभग खत्म हो गई है, जिसके बदले में उन्होंने भाजपा से संपर्क कर चुनाव लड़ने का मन बना लिया है।

बताया जा रहा है कि इससे पहले बेनीवाल ने नागौर, पाली और बाड़मेर की सीट मांगी थी, लेकिन कांग्रेस ने आखिर एक सीट पर उनको मना लिया।

कांग्रेस नागौर में अपना अपना उम्मीदवार नहीं उतारेगी, वह बेनीवाल को कांग्रेस समर्थन करेगी। बेनीवाल अपनी ही पार्टी आरएलपी के टिकट पर मैदान में उतरेंगे।

आपको बता दें कि बेनीवाल के खड़े होने के कारण ही कांग्रेस की उम्मीदवार ज्योति मिर्धा साल 2014 में हुए आम चुनाव में सीआर चौधरी के सामने पस्त हो गईं थीं।

सीआर चौधरी को फटका देने के लिए कांग्रेस ने बेनीवाल का सहारा लिया है। सूत्रों का दावा है कि अगर ऐसा हुआ तो भाजपा के टिकट पर ज्योति मिर्धा नागौर में बेनीवाल के सामने आ सकती हैं।

बता दें कि बेनीवाल की आरएलपी ने विधानसभा चुनाव के दौरान प्रदेशभर में 57 उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें से उन खुद समेत 3 विधायक बन पाए। बेनीवाल की पार्टी के सभी उम्मीदवारों को 8 लाख से ज्यादा वोट मिले थे।

हालांकि, बीते दिनों बेनीवाल ने मीडिया के सामने दावा करते हुए कहा था कि वह भाजपा और कांग्रेस के अलावा सभी छोटे दलों के साथ गठनबंधन कर सभी 25 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेंगे, लेकिन बदले हुए समीकरणों के तहत यह गठबंधन सामने आया है।

बेनीवाल खींवसर से तीसरी बार विधायक हैं, जबकि ज्योति मिर्धा नागौर के दिग्गज मिर्धा परिवार की बेटी हैं। वह कांग्रेस की बड़ी नेत्री मानी जाती हैं, लेकिन चुनाव हारने के बाद उन्होंने अपने व्यवसाय को संभाल लिया था।

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