Jaipur

राजस्थान सरकार द्वारा आज एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए नामांतरण की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है।

अब तक किसी भी व्यक्ति को अपनी संपत्ति का नामांतरण खुलवाने के लिए तहसील कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते थे।

लेकिन आज के बाद नामांतरण की सारी प्रक्रिया पटवारी स्तर पर पूरी कर ली जाएगी। एक तरह से कह सकते हैं कि सरकार ने पटवारी को और अधिकार दे दिए हैं।

राजस्व मंत्री हरीश चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि सरकार के इस कदम से प्रदेश के किसानों को बड़ा फायदा होगा, जिनको अब तहसीलदार और तहसील कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

अब तक प्रदेश के सभी लोगों को अपनी संपत्ति का नामांतरण खुलवाने के लिए तहसील कार्यालय के चक्कर काटने पड़ते थे।

संपत्ति का नामांतरण खुलवाने के लिए व्यक्ति को तहसीलदार के समक्ष उपस्थित होना पड़ता था, उसके बाद तहसीलदार के निर्देश पर पटवारी के द्वारा संपत्ति का मौका मुआयना किया जाता था, और उसकी रिपोर्ट तहसीलदार को दी जाती थी।

उसके बाद तहसीलदार के द्वारा नामांतरण खोला जाता था, लेकिन अब यह प्रक्रिया पटवार भवन तक ही सीमित हो गई है।

KCC रहननामा बैंक की प्रक्रिया पूर्ण होने पर सब रजिस्ट्रार कार्यालय में पंजीबद्ध कराने की आवश्यकता नहीं होगी। पटवारी बिना पंजीयन कराये ही रहननामा का नामान्तकरण खोल सकेगा।