safai karami jaipur
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जल्द शुरू होगी भर्तियां, 2012 में निकाली गई भर्तियों का मामला

जयपुर। बदहाल सफाई व्यवस्था से जूझ रहे नगर निगम को 1000 नए सफाईकर्मियों का तोहफा मिलने वाला है।

2012 में राजनीतिक कारणों से अटकी सफाईकर्मियों की भर्ती मामले में अब सरकार ने फिर से कार्रवाई शुरू की गई है। बताया जा रहा है कि जल्द ही नए सफाईकर्मियों की भर्तियां शुरू की जा सकती है।

वर्ष 2012 में प्रदेश में अशोक गहलोत की सरकार के समय पूरे प्रदेश में सफाईकर्मियों की भर्तियां निकाली गई थी।

इस दौरान जयपुर में 2877 और प्रदेश में प्रथम चरण में 20 हजार और द्वितीय चरण में 10 हजार सफाईकर्मियों की भर्तियां की जानी थी।

यह भर्तियां हो पाती उससे पहले प्रदेश में सरकार बदल गई और नई वसुंधरा सरकार ने इन भर्तियों को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। इस दौरान अधिकांश पात्र अभ्यार्थी न्यायालय की शरण में पहुंच गए।

वर्ष 2018 में चुनावों से पूर्व वसुंधरा सरकार ने पुरानी भर्तियों की तो सुध नहीं ली, लेकिन चुनावी फायदा लेने के लिए नई भर्तियां निकाल कर सफाईकर्मियों को भर्ती कर लिया गया। इन भर्तियों में जयपुर के लिए 4961 पदों पर भर्तियां निकाली गई थी।

नगर निगम सफाई कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष नंद किशोर डंडोरिया का कहना है कि 11 अप्रेल 2018 को स्वायत्त शासन विभाग ने 2012 की भर्तियों के संबंध में एक आदेश जारी कर सभी नगरीय निकायों को कहा था कि यहां वहां यदि पात्रता जांच प्रक्रिया पूरी हो चुकी है तो वह भर्ति की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं,

लेकिन भाजपा सरकार होने के कारण विभाग ने 14 अप्रेल को ही यह आदेश वापस ले लिया और न्यायालय के आदेश के बाजवूद इस प्रक्रिया को फिर से ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।

न्यायालय इस संबंध में 2017 में ही आदेश कर चुका है कि नगरीय निकायों में अनुभव के आधार पर पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्तियां दी जाए।

डंडोरिया का कहना है कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने के बाद उन्होंने 2012 की भर्तियों का मामला सरकार के सामने रखा। सरकार ने इस मामले में अतिरिक्त महाधिवक्ता सतेंद्र राघव की अध्यक्षता में चार सदस्यीय कमेटी बना दी।

कमेटी भी सरकार को अनुशंषा कर चुकी है कि 2012 में पात्र पाए गए अभ्यर्थियों को नियुक्तियां दे दी जाए।

कमेटी की अनुशंषा के बाद अब स्वायत्त शासन विभाग में अनुशंषा की क्रियान्विति चल रही है और जल्द से जल्द इन पात्र अभ्यर्थियों को भी नियुक्तियां दे दी जाएंगी। ऐसे में नगर निगम को 1000 अतिरिक्त सफाईकर्मी और मिल जाएंगे।

शहर में डोर-टू-डोर में होगी आसानी
निगम सूत्रों का कहना है कि जयपुर में डोर-टू-डोर करने वाली कंपनी पूरी तरह से फेल हो चुकी है और शहर में सफाई की व्यवस्था पूरी तरह से बदहाल है।

ऐसे में नगर निगम भी अपने स्तर पर डोर-टू-डोर करने की तैयारी में जुटा है। इसकी शुरूआत आमेर जोन से हो सकती है। इसके बाद अन्य जोनों में भी इस कंपनी का काम छीनकर निगम अपने स्तर पर डोर-टू-डोर शुरू करवा सकता है।

ऐसी स्थिति में 1000 नए सफाईकर्मी मिलना निगम के लिए रामबाण साबित होगा।

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