Jaipur

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र सिंह धोनी ने बुधवार को आतंकवाद विरोधी यूनिट में तैनात किया गया है।

महेंद्र सिंह धोनी पैरा कमांडो की बटालियन में 15 दिन रहेंगे। वह 15 अगस्त बटालियन के साथ ही मनाएंगे। ट्रेनिंग के लिए महेंद्र सिंह धोनी 15 अगस्त के बाद जाएंगे।

महेंद्र सिंह धोनी को जम्मू कश्मीर के आतंकवाद ग्रस्त इलाके, श्रीनगर में खुद के अलावा 19 किलो साजो सामान के साथ गश्त करनी होगी।

महेंद्र सिंह धोनी को जिस बटालियन में तैनात किया गया है, वह सभी तरह के मिले-जुले सैनिकों की यह यूनिट है।

इस यूनिट में देशभर से आने वाले करीब 700 सैनिक हैं, जिनमें सिख, जाट, राजपूत, गोरखा जैसी सभी रेजिमेंट के सैनिक शामिल होते हैं।

महेंद्र सिंह धोनी को दिन रात दोनों ही शिफ्ट में अपनी ड्यूटी देनी होगी। इसके साथ ही एम एस धोनी ऑफिसर्स मेस की जगह सैनिकों की साथ ही उसी बैरक में रहेंगे।

धोनी को अपने साथी 50 सैनिकों के साथ ही सोना होगा। धोनी खुद चाहते हैं कि वह सामान्य सैनिकों के बीच में रहे। इसके साथ ही महेंद्र सिंह धोनी इन सैनिकों के लिए बने हुए क्यूबिकल में ही स्नान करेंगे।

सप्ताह में 3 दिन बटर-चिकन के लिए विशेष पहचान रखने वाली इस बटालियन में महेंद्र सिंह धोनी को भी हर दूसरे दिन चिकन खाने को मिलेगा।

महेंद्र सिंह धोनी को साल 2011 में विश्व कप जीतने के बाद सेना की टेरिटोरियल आर्मी में लेफ्टिनेंट कर्नल का मानद रैंक मिला था।

साजो सामान की बात की जाए तो महेंद्र सिंह धोनी को हर वक्त 19 किलो वजन उठा कर चलना होगा। जिसमें 5 किलो की तीन मैगजीन, 3 किलो की वर्दी, 2 किलो के जूते, 4 किलो के 3 से 6 ग्रेनेड, 1 किलो का हेलमेट, 4 किलो की बुलेट प्रूफ जैकेट पहनने होंगे।

पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की ड्यूटी श्रीनगर के आतंकवादग्रस्त इलाके में 8 से 10 सैनिकों के साथ रहेगी। उनको बुलेट प्रूफ जैकेट एके-47 राइफल और 6 ग्रेनेड दिए जाएंगे।

इस दौरान उनका मकसद लोगों से मेल मिलाप रखने और खुफिया जानकारियां जुटाने का रहेगा।

महेंद्र सिंह धोनी को गार्ड के तौर पर यूनिट में रखवाली का काम भी मिलेगा। उनकी ड्यूटी 4-4 घंटे की शिफ्ट में रहेगी।

ड्यूटी के लिए उनको रात और दिन दोनों वक्त काम करना होगा। दिन की ड्यूटी के लिए महेंद्र सिंह धोनी को सवेरे 4:00 बजे उठना होगा।

इसके अलावा रात की ड्यूटी के लिए उन्हें सुबह जल्दी सोने के लिए छूट मिल जाएगी। महेंद्र सिंह धोनी को अपने बंकर में अन्य सैनिकों की भांति बिना पलक झपके लगातार 4 घंटे खड़ा रहना होगा।

इसके साथ ही दो 2 घंटे की शिफ्ट में उनको 3 बार भी खड़ा रहने का विकल्प मिलेगा।

ड्यूटी के दौरान महेंद्र सिंह धोनी के धैर्य की परीक्षा तो होगी ही साथ ही साथ चुपचाप खड़े रहना और बिना हिले डोले लोगों को आते जाते देखना भी चुनौतीपूर्ण होगा।

इससे पहले भारतीय क्रिकेट टीम के किसी भी कप्तान ने इस तरह सेना में ड्यूटी नहीं दी है।