-ट्रैक्टर चालक भजन लाल हत्याकांड का मामला गहराया: चौथे दिन नही मांगी मांगे, दो विधायक हरिश व गोपीचंद को मजबूर होकर बैठे अनशन पर, राज्यसभा सांसद किरोड़ीलाल व सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया पहुंचे समर्थन में
टोंक।

जिले के नगरफोर्ट कस्बे में ट्रैक्टर चालक भजन लाल हत्याकांड का मामला गहराता जा रहा है और शनिवार को चौथे दिन भी मांगे नहीं माने जाने पर राजस्थान के पूर्व पुलिस प्रमुख और देवली उनियारा विधायक हरीश चंद्र मीणा सहित दो विधायक को न्याय के लिए आमरण अनशन पर बैठने को मजबूर होना पड़ा।

साथ ही राज्यसभा सांसद डॉक्टर किरोड़ी लाल मीणा ने राज्य सरकार को सख्त लहजे में चेतावनी दी तो टोंक सवाई माधोपुर सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया भी धरने में शामिल हो गए।

गत 29 अप्रैल को फतेहगंज परासिया निवासी भजन लाल मीणा की मौत हो गई थी। परिजनों द्वारा उनियारा पुलिस पर हत्या का आरोप लगाकर नगर फोर्ट चिकित्सालय में 5 सूत्री मांगों को लेकर राजस्थान पुलिस के पूर्व प्रमुख एवं देवली उनियारा विधायक हरीश चंद्र मीणा के नेतृत्व में धरने पर बैठ गए थे।

3 दिन में भी मांगे पूरी नहीं होने पर मजबूर होकर चौथे दिन शनिवार को विधायक हरीश चंद्र मीणा और जहाजपुर विधायक गोपीचंद मीणा को सुबह 10 बजे आमरण अनशन शुरू करने पर मजबूर होना पड़ा।

सत्ता पक्ष और विपक्ष के दोनों विधायक आमरण अनशन पर बैठे तो मामला और गरमा गया। ऐसा लग रहा है कि एक ट्रैक्टर चालक की मौत पर राजनीतिज्ञ अपनी रोटियां सेंकने में लगे हैं।

राज्यसभा सांसद और राज्य के कद्दावर नेता डॉक्टर किरोड़ी लाल मीणा भी अनशन स्थल पर पहुंच गए और राज्य सरकार को 3 दिन में न्याय नहीं देने की सख्त चेतावनी देते हुए आर-पार की लड़ाई लडऩे का फरमान सुना दिया।

वहीं, अनशन स्थल पर टोंक सवाई माधोपुर सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया ने पहुंचकर अनशन को अपना समर्थन दिया तथा राज्य सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए इसे शर्मनाक घटना करार दिया।

उन्होंने कहा कि पीडि़त को न्याय मिलने तक में विधायक हरीश चंद्र मीणा के साथ हूं यह मामला कांग्रेस या भाजपा का नहीं है, बल्कि पीडि़त परिवार को न्याय दिलाने के लिए हैं। आज भी उनका आमरण अनशन जारी था।

अब होगी आर-पार की जंग

राज्यसभा सांसद डॉक्टर किरोड़ी लाल मीणा ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सरकार की कड़ी आलोचना की और 3 दिन में पीडि़त परिवार को न्याय देने की मांग करते हुए सकते लहजे में चेतावनी दी कि यदि 3 दिन में पीडि़त परिवार को न्याय नहीं मिला तो राज्य सरकार के खिलाफ आर-पार की जंग होगी।

इस दौरान कोई अप्रिय घटना गठित हुई तो इसके लिए प्रशासन स्वयं जिम्मेदार होगा।

दो रोटी बांध कर आना रात जगा वहीं होगा

राज्यसभा सांसद डॉक्टर किरोड़ी लाल मीणा ने लोगों को आह्वान किया कि यदि 3 दिन में मांगे नहीं मानी तो सभी लोग उनियारा व अलीगढ़ के बीच खेड़ली बालाजी स्थान पर दो रोटी बांधकर अपने साथ ले आना।

राज्य सरकार के विरुद्ध संघर्ष का आगाज वहीं से होगा। और रात जगा भी वही होगा। उन्होंने कहा कि हम राज्य सरकार को दिखा देंगे कि राज्य में अब तक जो नहीं हुआ वह अब होगा। जिसे इतिहास याद रखेगा।

लघु पुष्कर मांडकला में हुई रणनीति तय

5 जून से आंदोलन की चेतावनी
राज्यसभा डॉक्टर किरोडी लाल मीणा के नेतृत्व में आगामी दिनों में राज्य सरकार के विरुद्ध होने वाले आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने के लिए शनिवार को सर्व समाज की बैठक मांडकला सरोवर के तट पर स्थित भगवान मांडकलेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित हुई।

जिसमें 5 जून दोपहर 1 बजे से उनियारा ने बड़ी सभा कर आंदोलन शुरू करने का निर्णय हुआ तथा आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई।

2 माह की तनख्वाह देंगे डॉक्टर मीणा

राज्य सभा सांसद डॉक्टर किरोड़ी लाल मीणा ने पीडि़त परिवार को राज्यसभा सांसद के तौर पर मिलने वाली 2 माह की तनख्वाह ₹200000 की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।

यह नेता भी पहुंचे अनशन स्थल पर

मृतक भजन लाल के परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर क्षेत्रीय विधायक हरीश चंद्र मीणा के नेतृत्व में चल रहे आमरण अनशन पर राजनीति मतभेद छोडक़र पीडि़त को न्याय दिलाने के लिए पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल,

टोंक सवाई माधोपुर सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया, भाजपा टोंक जिला अध्यक्ष गणेश माहुर, भाजपा जिला महामंत्री नरेश बंसल, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष लईक मोहम्मद, पूर्व प्रधान देवली जगदीश चौधरी,

पूर्व प्रधान देवली उदय लाल गुर्जर, सरपंच संघ अध्यक्ष उनियारा मुनि मीणा पंचायत समिति सदस्य राधेश्याम मीणा, जिला सचिव सलीम चौधरी हराकचंद गोलेछा, कमलेश गौतम,

एडवोकेट जितेंद्र दाधीच, कुलदीप सिंह राजावत, पूर्व प्रधान खेमराज मीणा,रामचंद्र गुर्जर, नरेश मीणा अमन भाई, परशुराम मीणा, नंद किशोर साहू, काशीराम चौधरी, राधेश्याम मेरोठा सहित सैकड़ों नेता उपस्थित थे।

कब होगा न्याय

राज्य सरकार द्वारा 4 दिन में भी पीडि़त परिवार को न्याय नहीं मिलने और सत्ता पक्ष के विधायक के साथ विपक्ष के विधायकों सांसदों और नेताओं को भी आंदोलन करना पड़ रहा है।

जिसे राज्य सरकार के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट रहा है और लोग कांग्रेस द्वारा लोकसभा चुनाव में दिए गए नारे “अब होगा न्याय” को लेकर चर्चा कर रहे हैं और पूछ रहे हैं।

भले ही केंद्र में कांग्रेस की सरकार नहीं बनी, लेकिन राज्य में तो कांग्रेस की सरकार है फिर अब तक पीडि़त परिवार को न्याय कब मिलेगा।

लोगों का कहना है कि यह है कांग्रेस की न्याय योजना जहां सत्ता पक्ष के विधायक को ही न्याय के लिए आमरण अनशन करना पडे।