Jaipur

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के द्वारा बजट सत्र के दौरान संशोधित किए गए मोटर व्हीकल एक्ट को कल से, यानी 1 सितंबर से पूरे देश भर में लागू कर दिया जाएगा।

अब तक वसूले जा रहे जुर्माने से 10 गुना ज्यादा पैनल्टी वाला यह कानून कांग्रेस शासित राज्यों में लागू नहीं होगा।

कांग्रेस शासित सरकारें, जिनमें राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ ने इस कानून को लागू नहीं करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई है।

गौरतलब है कि जहां पर कांग्रेस की सरकारें हैं, वह अधिकांश केंद्र के कानूनों को दरकिनार करने का काम कर रही है। इससे पहले आयुष्मान भारत योजना को भी इन तीनों सरकारों ने लागू करने से मना कर दिया था।

केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के बीच कानूनों को लागू नहीं करने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई बार इस तरह के प्रकरण सामने आ चुके हैं।

मोटर व्हीकल एक्ट में संशोधन करने के बाद प्रत्येक जुर्माने में करीब 10 गुना वृद्धि की गई है। इसके तहत अब यह माना जा रहा है कि मोटर वाहन चलाने वाले चालकों को भारी जुर्माने का भय होगा, जिसके कारण वाहन दुर्घटनाओं में कमी आएगी।

संशोधित मोटर व्हीकल एक्ट के तहत जुर्माने की राशि इस तरह बढ़ाई गई है-

बिना हेलमेट ₹100 की जगह ₹1000 देने होंगे प्रदूषण सर्टिफिकेट के बिना ₹1000 की जगह ₹2000 लगेंगे।

बिना लाइसेंस ड्राइविंग के गाड़ी चलाने पर ₹500 की जगह ₹5000 का जुर्माना लगेगा। तेज गति से वाहन चलाने पर ₹400 की जगह ₹1000 का जुर्माना देना होगा।

बिना इंश्योरेंस के 1000 की जगह 2000 लगेंगे। सीट बेल्ट नहीं लगाने पर ₹300 से ₹1000 का जुर्माना लगेगा। खतरनाक गति से वाहन चलाने पर 1000 की जगह 5000 की पेनल्टी लगेगी।

शराब पीकर वाहन चलाने पर 1000 की जगह ₹10000 लगेंगे। ड्राइविंग करते वक्त फोन पर बात करने पर ₹1000 ड्राइविंग के वक्त एक सेल्फी लेने पर ₹2000 लगेंगे।

गलत पार्किंग पर ₹500 लगेंगे। नाबालिक द्वारा कार चलाने पर ₹25000 का जुर्माना लगेगा।

इसी तरह से इमरजेंसी व्हीकल को जगह नहीं दिए जाने पर ₹10000 की पेनल्टी लगेगी।

बिना हेलमेट के वाहन चलाने पर 3 महीने के लिए लाइसेंस निरस्त किया जा सकेगा।

तेज गाड़ी चलाने पर कोमर्सियल चालक को 2000 देने होंगे।

नाबालिक द्वारा कार चलाने पर उसके परिजनों को 3 साल की सजा हो सकेगी।

कांग्रेस शासित राज्यों को छोड़कर पूरे देश में लागू हो रहा है 10 गुणा जुर्माने का कानून 1