नई दिल्ली। चंद्रयान-2 के विक्रम के चंद्रमा की सतह पर लैंड करने से महज 2.1 किलोमीटर दूर से जब कनेक्टिविटी टूटी तो इसरो प्रमुख के. शिवन फूट फूटकर रो पड़े। उनको तब सबसे ज्यादा दुख हुआ, जब 11 साल की मेहनत के बाद केवल आखिरी 89 सेकेंड ने धौखा दे दिया। भले ही चन्द्रयान-2 की असफलता से इसरो के वैज्ञानिक निराश हों, किन्तु पूरे देश के लोगों ने इसको इसरो की बड़ी सफलता करार दिया है। यहां तक कि मोदी के विरोधी भी आज उनके कायल हो गए।