टोंक/जयपुर।

लोकसभा चुनाव 2019 में कांग्रेस पार्टी को मिली करारी हार के बाद सियासी उठापटक के बीच में राजस्थान के अशोक गहलोत सरकार के खिलाफ उन्हीं की पार्टी के विधायक राजस्थान के पूर्व डीजीपी हरीश मीणा अनशन पर बैठे हैं।

उनके साथ भारतीय जनता पार्टी की विधायक और सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया भी मौके पर मौजूद हैं। यहां उनियारा के नगर फोर्ट में हुई घटना से ये सभी नाराज हैं।

बताया जा रहा है कि टोंक में ट्रैक्टर चालक रामभजन मीणा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद से 5 सूत्री मांगों को लेकर धरने पर बैठे स्थानीय विधायक हरीश मीणा और जहाजपुर विधायक गोपीचंद मीणा ने आमरण अनशन शुरु कर दिया है।

वहीं धरने का समर्थन राज्यसभा सांसद डॉ. किरोड़ी लाल मीणा, टोंक सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया, पूर्व मंत्री प्रभू लाल सैनी, पूर्व विधायक अजीत मेहता, विधायक रामनारायण मीणा समेत कई जनप्रतिनिधि समर्थन कर रहे हैं।

मृतक के शव का पांच दिन से अंतिम संस्कार नहीं हो सका है। लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है। बताया जा रहा है कि राज्य सरकार के प्रयास नाकाफी है।

लोग मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और स्थानीय विधायक व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के द्वारा उचित कदम नहीं उठाए जाने से नाराज़ हैं।