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जयपुर।

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के मंत्रिमंडल में प्रदेश के 14 जिले ऐसे हैं, जिनसे एक भी विधायक को मंत्री बनने का मौका नहीं मिला है।

मंत्रिपरिषद में सबसे ज्यादा विधायक भरतपुर से 3, जयपुर से तीन, बीकानेर से 2, दौसा से 2 विधायकों को मंत्री बनाया गया है। इसके अलावा बाकी जिलों से एक-एक विधायक मंत्री बने हैं।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जोधपुर की सरदारपुरा सीट से विधायक हैं, जबकि उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट टोंक से विधायक हैं। राजस्थान के लोकतंत्र के इतिहास में पहली बार नागौर जिले से एक भी विधायक को मंत्री नहीं बनाया गया है।

इन 14 जिलों से एक भी विधायक को मंत्री नहीं बनाया है-

जालौर, झालावाड़, सवाई माधोपुर, उदयपुर, प्रतापगढ़, भीलवाड़ा, सिरोही, पाली, नागौर, झुंझुनूं, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, राजसमंद और धौलपुर के एक भी विधायक को मंत्री नहीं बनाया गया है।

इन दिनों को मिला है मंत्रिपरिषद में प्रतिनिधित्व-

अलवर, अजमेर, बाड़मेर, भरतपुर, बांसवाड़ा, चूरू, बीकानेर, जैसलमेर, जयपुर, जोधपुर, दौसा, टोंक, करौली, बूंदी, बारां, कोटा, सीकर, डूंगरपुर के जनप्रतिनिधियों को मंत्री बनने का मौका मिला है।