IBCC-2018: कैंसर के निदान में साबित होगा मील का पत्थर

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- Advertisement - dr. rajvendra chaudhary

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-400 डेलीगेट्स, 30 मेडिकल आॅफिसर्स, 4 इन्टरनेशनल एक्सपर्ट्स और 60 राष्ट्रीय कैंसर रोग विशेषज्ञ ने दी अपनी राय, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे समेत चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ ने बताया कॉन्फ्रेंस को देशहित में।
जयपुर।

डिपार्टमेंट आॅफ मेडिकल ओनकोलॉजी एंड बोन मेरो ट्रांसप्लांट, एसएमएम मेडिकल कॉलेज और सोमेक्स रिसर्च सेन्टर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय आईबीसीसी-2018(इंडियन ब्रेस्ट कैंसर कॉन्फ्रेंस) के पहले दिन कैंसर के नवीनतम इलाज के लिए काम कर रहे डॉक्टर्स ने एक साथ मंच साझा किया।

राजस्थान बेस्ट ओनकोलॉजी ग्रुप के बैनर तले चल रही इस इन्टरनेशनल कॉन्फ्रेंस में शुक्रवार को ब्रेस्ट कैंसर के बारे में डॉक्टर्स ने इलाज व भ्रांतियों के बारे में खुलकर बात की। इस दौरान डॉ. विक्रम मैथ्यू (सीएमसी वैल्लोर) डॉ. पंकज मल्होत्रा (पीजीआई चंडीगढ़) और डॉ. हरी मैनन (पूर्व प्रमुख, टाटा मेमोरियल कैंसर सेंटर) ने ब्रेस्ट कैंसर के अलावा सीएमएल ब्लड केंसर, मल्टीपल मायलोमा, लंग कैंसर और कोलेन कैंसर की नवीनतम तकनीकों के बारे में चर्चा की।

जिसमें लगातार दूसरे साल आयोजित किए गए आईबीसीसी-2018 में 70 से अधिक सत्र रखे गए है। सेमीनार के आयोजक सवाई मानसिंह अस्पताल मेडिकल ओनकोलॉजी एंड बी.एम.टी. विभागाध्यक्ष डॉ. संदीप जसुजा ने बताया की सेमीनार के सत्रों में इस बार कैंसर के निदान के साथ ही इम्युनोथैरेपी, टारगेटेड थैरेपी, हार्मोनल थैरेपी,डायग्नोस्टिक एरिया और पैथोलॉजी पर चर्चा की जाएगी।

डॉ. जसुजा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कैंसर के निदान में वर्तमान जरूरत को देखते हुए आईबीसीसी की टीम को धन्यवाद ज्ञापित किया। डॉ. जसुजा ने बताया की देश को कैंसर के खतरे से उभारने के लिए व्यापक स्तर पर काम रहे चिकित्सकों को पीएम ने बधाई दी।

इसके अलावा मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ ने कहा की प्रदेश के ग्रामीण इलाको में जागरूकता को बढ़ाने के लिए आईबीसीसी- 2018 कारगर साबित होगा।

राजस्थान ओनकोलॉजी ब्रेस्ट की संरक्षक डॉ. सुमीता जैन ने बताया की वर्तमान में देश में हर आठवां कैंसर महिलाओं का स्तन कैंसर है व हर 22 में एक महिला है। जो कि चिंता का विषय है। हालांकि आधुनिक कैंसर चिकित्सा से स्तर कैंसर का खतरा काफी कम हो गया है।

इस दौरान प्रथम सत्र में एसएमएस अस्पताल के डॉ. हेमंत मल्होत्रा और विक्रम मैथ्यू ने कैंसर में इलाज को लेकर फैलाई जानी वाली भ्रांतियों और उसके उचित प्रबंधन व इलाज के बारे में जानकारी दी। सत्र में हरी मैनन और गौरव प्रकाश ने मुख्य वक्ता के रूप में डॉक्टर्स से सवाल जवाब किए।

दूसरे सत्र में डिबेट कॉम्पीटिशन रखा गया, इसमें च्एलोस्टेम सेल्स ट्रांसप्लांटज् विषय पर राहुल भार्गव ने पक्ष व राहुल नेथानी ने विपक्ष में अपनी राय रखी। शुक्रवार को सम्पन्न हुए करीब 10 अलग-अलग सत्रों में देश व विदेश से आए विशेषज्ञों ने अपनी राय दी।

डॉ. जसुजा ने बताया की ग्रामीण परिवेश में रहने वाले लोगों को जागरूक करने के लिए 30 डॉक्टर्स का एक दल बनाया गया है, जो हर जिला स्तर पर लोगों को कैंसर जैसी भयानक बीमारी के बारे में जागरूक करेंगे। इसके लिए विशेष तौर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू किया गया है।

शुक्रवार को सम्पन्न हुए सत्रों में ब्लड कैंसर और स्तन कैंसर के अलावा बोन मेरो ट्रांसप्लांट के बारे में विशेषज्ञ डॉ. राहुल भार्गव (फोर्टिस,दिल्ली), डॉ. पंकज मल्होत्रा (पीजीआई,चंडीगढ़), डॉ. राहुल नथानी(दिल्ली), डॉ. संदीप जसुजा (एसएमएस हॉस्पिटल), डॉ. ललित मोहन शर्मा और डॉ. उपेन्द्र शर्मा (भगवान महावीर कैंसर हॉस्पिटल) ने अपने विचार साझा किए। इसके साथ ही आईबीसीसी टीम मेम्बर्स ने कैंसर की नई दवाईयों जैसे डाराटूमैब और निलोटिनिप के बारे में बताया।