मेट्रोपोलिस हेल्थकेयर ने आइपीओ के लिए मसौदा सौंपा

21
nationaldunia (file photo)
- नेशनल दुनिया पर विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें 9828999333-
dr. rajvendra chaudhary jaipur-hospital

नई दिल्ली।
मेट्रोपोलिस हेल्थकेयर लिमिटेड (‘मेट्रोपोलिस‘ अथवा ‘कंपनी‘), 31 मार्च 2018 तक राजस्व के लिहाज से, भारत की एक प्रमुख डायग्नोस्टिक कंपनी, (स्रोत: फ्राॅस्ट एंड सुलिवन) ने भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास आॅफर डाॅक्यूमेंट (‘ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्राॅस्पेक्टस‘ अथवा ‘डीआरएचपी‘) जमा कराया है।

कंपनी अपने इक्विटी शेयरों के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आइपीओ) का प्रस्ताव रख रही है (यह लागू वैधानिक एवं विनामकीय जरूरतों, आवश्यक मंजूरियों, बाजार स्थितियों और अन्य विचार-विमर्श के अधीन है)।

अमीरा शाह (प्रबंध निदेशक) के नेतृत्व के तहत, मेट्रोपोलिस ने 31 मार्च 2018 तक भारत के 18 राज्यों में व्यापक उपस्थिति दर्ज कराई है। पश्चिम और दक्षिण भारत में इसकी नेतृत्वकारी उपस्थिति है (स्रोत: फ्राॅस्ट एंड सुलिवन)।

अपने व्यापक परिचालनगत नेटवर्क के माध्यम से, इसके द्वारा नैदानिक प्रयोगशाला परीक्षणों और प्रोफाइल्स की पेशकश की जाती है जिनका इस्तेमाल रोग के अनुमान, शुरूआती पहचान, डायग्नोस्टिक जांच, पुष्टि और/अथवा निगरानी के लिए किया जाता है।

यह नैदानिक शोध संगठनों को उनकी नैदानिक शोध परियोजनाओं के लिए विश्लेषात्मक एवं सहयोग सेवायें भी प्रदान करता है। वित्त वर्ष 2018 के दौरान, कंपनी ने लैब में आये करीब 7.7 मिलियन रोगियों पर लगभग 16.0 मिलियन टेस्ट किये।

इस निर्गम का उद्देश्य स्टाॅक एक्सचेंजों पर इक्विटी शेयरों की लिस्टिंग और आॅफर फाॅर सेल के लिए लाभों को हासिल करना है। कंपनी के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम में प्राइस प्रति इक्विटी शेयर पर पूंजी जुटाने के लिए 2 रूपये सम मूल्य (‘इक्विटी शेयर‘) के 15,269,684 इक्विटी शेयर शामिल हैं।

इसमें डाॅ. सुशील कनुभाई शाह (‘प्रवर्तक विक्रय शेयरधारक‘) द्वारा 5,017,868 इक्विटी शेयरों तक की बिक्री और सीए लोटस इन्वेस्टमेंट्स (‘निवेशक विक्रय शेयरधारक‘) द्वारा 10,251,816 इक्विटी शेयरों तक की बिक्री (‘आॅफर फाॅर सेल‘) शामिल है।

इस निर्गम में योग्य कर्मचारियों द्वारा सब्सक्रिप्शन के लिए 300,000 इक्विटी शेयरों तक का आरक्षण शामिल है(‘‘कर्मचारी आरक्षण हिस्सा‘‘)। कर्मचारी आरक्षण हिस्से को यहां से ‘‘शुद्ध निर्गम‘‘ कहा जायेगा और इस शुद्ध निर्गम में 14,969,684 इक्विटी शेयर तक शामिल हैं।

फ्राॅस्ट एंड सुलिवन के अनुसार, भारतीय डायग्नोस्टिक बाजार का मूल्य वित्त वर्ष 2018 में लगभग 596 अरब रूपये आंका गया है और यह वित्त वर्ष 2020 तक 802 अरब रूपये तक पहुंचने का अनुमान है।

यह मुख्य रूप से भौगोलिक क्षेत्रों में अनुकूल बदलावों, स्वास्थ्य जागरुकता में सुधारों, प्रिवेंटिव केयर एवं वेलनेस पर अधिक खर्च, मेडिकल पर्यटकों की संख्या में वृद्धि, जीवनशैली से संबंधित रोगों में बढ़ोतरी और भारत में बीमा की पहुंच बढ़ने से संचालित है।

कंपनी लैबोरेटरी एवं सर्विस नेटवर्क के माध्यम से परिचालन करती है। इसने 31 मार्च 2018 तक भारत में 173 शहरों तक पहुंच बनाने वाले व्यापक प्रयोगशाला एवं सर्विस नेटवर्क के जरिये सेवाओं की तीव्र एवं दक्ष डिलीवरी के लिए ‘हब एंड स्पोक‘ माॅडल को लागू किया है।

31 मार्च 2018 तक, कंपनी के प्रयोगशाला नेटवर्क में 106 नैदानिक प्रयोगशालायें शामिल हैं जिनमें 1) ग्लोबल रेफरेंस लैबोरेटरी (‘‘जीआरएल‘‘) जोकि मुंबई में स्थित है।

यह मुख्य ‘हब‘ है तथा कंपनी द्वारा पेश अधिकतम टेस्ट करने के लिए सुसज्जित है; 2) 12 रीजनल रेफरेंस लैबोरेटरीज (‘‘आरआरएल‘‘) (जिनमें से दो भारत से बाहर हैं), यह रूटीन, सेमी-स्पेश्यलाइज्ड और कुछ स्पेश्यलाइज्ड यानी विशिष्ट टेस्ट करने के लिए सुसज्जित है; 3) 50 सैटेलाइट लैबोरेटरीज (जिनमें से चार भारत से बाहर हैं), और यह रूटीन, सेमी-स्पेश्यलाइज्ड टेस्ट करने के लिए सुसज्जित है।

4) 43 एक्सप्रेस लैबोरेटरीज (जिनमें से 11 भारत से बाहर हैं), और यह रूटीन टेस्ट करने के लिए सुसज्जित हैं। सर्विस नेटवर्क व्यक्तिगत मरीजों एवं संस्थागत ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करता है।

31 मार्च 2018 तक, यह 1,130 पेशेंट टच प्वाइंट्स (जिनमें से 28 भारत से बाहर हैं) के जरिये व्यक्तिगत मरीजों को सेवायें दे रहा है। इसमें 251 पेशेंट सर्विससेंटर्स कंपनी के स्वामित्व वाले (‘‘ओन्ड पीएससी‘‘) हैं और 879 थर्ड पार्टी पेशेंट सर्विस सेंटर्स (‘‘थर्ड पार्टी पीएससी‘‘) हैं।

इसके द्वारा 31 मार्च 2018 तक, लगभग 9,020 इंस्टीट्यूशनल टच प्वाइंट्स के जरिये संस्थागत ग्राहकों को सेवायें दी जा रही हैं। इसमें 1) लगभग 8,500 पिक-अप प्वाइंट्स; और 2) 520 असिस्टेड रेफरल सेंटर्स (‘‘एआरसी‘‘) (जिनमें से सात भारत से बाहर हैं) और जोकि एक्सक्लूसिव थर्ड पार्टी रेफरल सेंटर्स हैं, शामिल हैं।

वित्त वर्ष 2018 के कुछ परिचालनगत राजस्व में अंतर्राष्ट्रीय परिचालन से प्राप्त राजस्व का 8.06 प्रतिशत का योगदान रहा। भारत से बाहर, इसके घाना, केन्या, जांबिया, माॅरीशस और श्रीलंका में लैबोरेटरी परिचालन हैं।

इसके अलावा, कंपनी ने नेपाल, नाइजीरिया, यूएई और ओमान में स्पेसीमेन के कलेक्शन और प्रोसेसिंग के लिए भी थर्ड पार्टीज से अनुंबध किये हैं। 31 मार्च 2018 तक, हमारे पास भारत से बाहर 17 नैदानिक प्रयोगशालाओं, 28 पेशेंट टच प्वाइंअ्स और 7 एआरसी का परिचालन नेटवर्क है।

बुक रनिंग लीड मैनेजर्स (‘‘बीआरएलएम्स‘‘) जेएम फाइनेंशियल लिमिटेड, क्रेडिट सुइस सिक्युरिटीज (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड, गोल्डमैन सैक्स (इंडिया) सिक्युरिटीज प्राइवेट लिमिटेड, एचडीएफसी बैंक लिमिटेड और कोटक महिन्द्रा कैपिटल कंपनी लिमिटेड हैं।

रेड हेरिंग प्राॅस्पेक्टस के जरिये पेश किये गये इक्विटी शेयरों को बीएसई और एनएसई पर सूचीबद्ध किया जाना प्रस्तावित है।

कंपनी के पास 31 मार्च 2018 तक, 3,480 नैदानिक प्रयोगशाला परीक्षणों और 524 प्रोफाइल्स की व्यापक रेंज मौजूद है। प्रोफाइल्स में विभिन्न प्रकार के टेस्ट काॅम्बिनेशंस हैं जोकि रोग या विकास के लिए विशिष्ट हैं।

साथ ही वेलनेस प्रोफाइल्स का इस्तेमाल स्वास्थ्य एवं तंदुरुस्ती जांच में किया जाता है। इसने परीक्षणों को वर्गीकृत किया है – 1) ‘रूटीन‘ टेस्ट जैसे ब्लड केमिस्ट्री एनालाइजेज, ब्लड सेल काउंट और यूरीन की जांच;2) ‘सेमी स्पेश्यलाइज्ड‘ टेस्ट जैसे थाॅयरायड फंक्शन टेस्ट, वायरल एवं बैक्टीरियल कल्चर्स, हिस्टोलाॅजी, साइटोलाॅजी और संक्रामक रोग टेस्ट; और 3) ‘स्पेश्यलाइज्ड‘ टेस्ट जैसे कोएगुलेशन स्टडीज के लिए टेस्ट, आॅटोइम्यूनिटी टेस्ट, साइटोजेनेटिक्स एवं माॅलीक्युलर डायग्नोस्टिक्स।

यह भरोसेमंद टेस्ट परिणाम देने के साथ ही मूल्यवर्धित सेवायें जैसे नमूने को घर से एकत्रित करना और टेस्ट रिपोर्ट की आॅनलाइन पहुंच पर केंद्रित है। यह हमारे संस्थागत ग्राहकों को उनकी जरूरत के अनुसार विशिष्ट वेलनेस पैकेज भी मुहैया कराती है।

इसका मरीज केंद्रित दृष्टिकोण कंपनी को सबसे अलग करता है और अनेक व्यक्तिगत एवं स्वास्थ्यसेवा प्रदाता कंपनी को उनका डायग्नोस्टिक हेल्थकेयर सेवा प्रदाता चुनते हैं।

वित्त वर्ष 2016 से वित्त वर्ष 2018 तक, 1) कंपनी का परिचालनगत राजस्व 16.3 प्रतिशत की सीएजीआर के साथ 4,759.69 मिलियन रूपये से बढ़कर 6,435.67 मिलियन रूपये पहुंच गया।

2) एडजस्टेड ईबीआइटीडीए 1,297.96 मिलियन रूपये से बढ़कर 1,773.83 मिलियन रूपये पहुंच गई, इसमें 16.9 प्रतिशतकी सीएजीआर देखने को मिली; 3) वर्ष के लिए लाभ 819.55 मिलियन रूपये से बढ़कर 1,097.47 मिलियन रूपये रहर जिसमें 15.7 प्रतिशत की सीएजीआर दर्ज की गई।

एडजस्टेड ईबीआइटीडीए प्रदर्शन का एक पूरक मापन है और इसे इंड-एएस के तहत नहीं तैयार किया जाता अथवा इसकी जरूरत नहीं होती है।

कंपनी को नेशनल ऐड्स कंट्रोल आॅर्गनाइजेशन (‘‘नाको‘‘) द्वारा 525 सरकारी एंटीरेट्रोवायरल थेरैपी (एआरटी) सेंटर्स से स्पेसीमेन एकत्रित करने और एचआइवी-1 वायरल लोड टेस्ट करने का टेंडर सौंपा गया है।

यह अनुबंधित शोध संस्थानों को उनकी नैदानिक शोध परियोजनाओं के लिए लाॅजिस्टिक एवं इलेक्ट्राॅनिक डेटा इंटरचेंज (‘‘ईडीआइ‘‘) जैसे सहयोगी सेवायें और विश्लेषात्मक सेवायें भी प्रदान करता है।

कंपनी ने गुणवत्तापूर्ण डायग्नोस्टिक एवं संबंधित हेल्थकेयर टेस्ट एवं सेवायें प्रदान कर खुद को सम्मानित ब्रांड के तौर पर स्थापित किया है।

इसे 2018 में बायोट्रेन्स द्वारा ‘‘ग्राहक सेवा एवं डिलीवरी में उत्कृष्टता‘‘ के लिए सम्मानित किया गया था और हेल्थकेयर एक्सीलेंस अवार्ड्स 2018 में फिक्की द्वारा ‘‘सेवा उत्कृष्टता (डायग्नोस्टिक सेंटर)‘‘ के लिए विशेष ज्यूरी मेंशन भी मिला।

इसके अलावा, इसके स्वास्थ्य अभियान को एलएच इनसाइट्स द्वारा डिजिटल कैंपेन अवार्ड्स में ‘‘बेस्ट इन हेल्थ एंड फिटनेस‘‘ के तौर पर सम्मानित किया गया।

नीचे दी गई कारोबारी ताकतें कंपनी को इंडस्ट्री में सफलतापूर्वक प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति देती हैं—

  1. भारत में प्रमुख डायग्नोस्टिक कंपनियों में से एक जोकि भारतीय डायग्नोस्टिक उद्योग में संभावित वृद्धि का लाभ उठाने की सुदृढ़ स्थिति में है;
  2. व्यापक परिचालन नेटवर्क, नया पेशेंट टच प्वाइंट नेटवर्क और सर्विस नेटवर्क की वृद्धि;
  3. नैदानिक प्रयोगशाला परीक्षणों एवं प्रोफाइल्स की व्यापक रेंज सहित व्यापक टेस्ट मेन्यू;
  4. गुणवत्ता एवं ग्राहक सेवा पर फोकस के साथ सशक्त एवं स्थापित ब्रांड;
  5. दक्षता सुधारने पर ध्यान के साथ मजबूत सूचना तकनीक अधोसंरचना;
  6. भारत और विदेशों में सफलतम अधिग्रहण और एकीकरण का ट्रैक रिकाॅर्ड स्थापित किया; और
  7. अनुभवी वरिष्ठ प्रबंधन टीम और परिचालन से संबंधित योग्य कर्मचारी