नई दिल्ली।

अगर आपने एमबीबीएस (MBBS) परीक्षा पास कर ली है तो इसका मतलब यह मत समझिए कि आप सीधे प्रेक्टिस करने के योग्य हो चुके हैं।

अब किसी भी निजी मेडिकल कॉलेज से निकले हुए डॉक्टर को नेक्स्ट ( national exit test) परीक्षा पास करने के बाद ही प्रेक्टिस करने की अनुमति मिलेगी।

यह परीक्षा सरकारी और प्राइवेट दोनों मेडिकल कॉलेज के पास आउट डॉक्टर को देनी होगी। इनको यह परीक्षा पास करने के बाद ही एमबीबीएस की डिग्री दी जाएगी।

बताया जा रहा है कि जब यह परीक्षा पास करेंगे उसके बाद विशेषज्ञ के तौर पर पोस्ट ग्रेजुएशन पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए अलग से neet-pg परीक्षा देनी होगी।

नेक्स्ट परीक्षा के अंकों के आधार पर ही नीट पीजी में प्रवेश मिल सकेगा। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्रों के पाठ्यक्रम में बड़ा बदलाव किया है।

राष्ट्रीय मेडिकल आयोग विधेयक संसद में इसी सत्र में पेश किया जाएगा। बताया जा रहा है कि इस बिल में प्रावधान यह किया गया है कि भारत के किसी भी मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र को एमबीबीएस की पढ़ाई के आखिर में यह परीक्षा पास करनी होगी।

इसको राष्ट्रीय स्तर पर केंद्र सरकार द्वारा खुद आयोजित करवाई जाएगी। कोर्स के छात्र इस परीक्षा में बैठ सकेंगे।

एग्जाम के बाद उन्हें एमबीबीएस की डिग्री मिलेगी और उसी के आधार पर वह प्रेक्टिस करने का हकदार होगा। अन्य पाठ्यक्रम जैसे पीजी परीक्षा में बैठने के लिए भी इस परीक्षा के अंकों को आधार बनाया जाएगा।