जयपुर।

लोकसभा चुनाव में करारी शिकस्त के बाद Congress party में उठा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है।

एक बार फिर से काग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी अपने इस्तीफे पर गए हैं। बताया जा रहा है कि उन्होंने पार्टी को 1 महीने का समय दिया है, जिसमें कांग्रेस को गैर गांधी परिवार से अध्यक्ष का चुनाव करना है।

इस बीच राजस्थान में जारी राजनीतिक उठापटक में बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने बड़ा फैसला लेते हुए कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार को समर्थन जारी रखने का फैसला किया है।

मायावती ने एक पत्र जारी करते हुए अपने सभी 6 विधायकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि किसी भी सांप्रदायिक और जातिवादी पार्टी के चक्कर में नहीं आए और हमने सरकार को बाहर से समर्थन दे रखा है, जो जारी रहेगा।

इसके साथ ही मायावती ने यह भी कहा है कि अगर कोई भी विधायक किसी भी तरह की सरकार विरोधी गतिविधि में लिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, उसको पार्टी से बाहर भी किया जा सकता है, निलंबित भी किया जा सकता है।

गौरतलब है कि साल 2008 में अशोक गहलोत की सरकार बनी थी, तब कांग्रेस के 96 विधायक थे, किन्तु बहुमत नहीं होने के कारण कांग्रेस पार्टी ने तब बहुजन समाज पार्टी के जीत कर आए छह विधायकों को पार्टी में शामिल कर लिया था।

राजस्थान में पहली बार बीएसपी के छह विधायक जीते थे, जिनको कांग्रेस पार्टी ने सभी को शामिल कर लिया। शायद यही डर है कि मायावती निर्देश देते हुए अपने सभी विधायकों को एकजुट रहने और पार्टी में सरकार विरोधी गतिविधि से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है।

गौरतलब है कि कल ही बहुजन समाज पार्टी के विधायकों ने राज्यपाल कल्याण सिंह से मुलाकात कर लिया था, लेकिन आखिर में वह मुलाकात रद्द हो गई।

बताया जा रहा है कि इस बात की सूचना मायावती को मिलने के बाद उन्होंने सभी 6 विधायकों को फोन करके राज्यपाल से मिलने से रोका था।

उल्लेखनीय है कि राजस्थान में अशोक गहलोत सरकार के खिलाफ कांग्रेस पार्टी में ही बगावत शुरू हो गई है। कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने 2 दिन पहले ही इस्तीफा दे दिया है।

इसके अलावा दो अन्य मंत्रियों रमेश मीणा और उदयलाल आंजना ने भी मोर्चा खोल रखा है, दोनों ने पार्टी की हार की समीक्षा करने के बाद कोई फैसला लेने के लिए आलाकमान से अपील की है।

मायावती द्वारा अपने सभी विधायकों को सख्त निर्देश देने के साथ ही किसी तरह की गड़बड़ करने को लेकर कड़ी चेतावनी भी दी है।