जयपुर।
प्रदेश में सरकार बदलने के साथ ही ढांचा बदलने का काम भी शुरू हो चुका है। शिक्षा विभाग में दो बड़े काम करने के लिए कमेटियों का गठन भी कर दिया गया है।

एक दिन पहले ही प्रदेश के स्कूली शिक्षा के पाठ्यक्रम में बदलाव करने और छात्र-छात्राओं को मिलने वाली साइकिलों का रंग वापस काला करने के ऐलान के बाद भाजपा हमलावर हो गई।

शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा के बयान को लेकर जहां भाजपा ने करारा प्रहार किया है, वहीं कांग्रेस सरकार के मंत्री प्रताप सिंह खाचरिवास ने फेसबुक पर चार लाइनें लिखकर मीडिया द्वारा सवाल पूछने को कठघरे में खड़ा कर दिया है।

भाजपा ने कहा है कि चाहे ईंट से ईंट बजानी पड़े, लेकिन किसी भी सूरत में सरकार को गलत काम नहीं करने देंगे, न इतिहास बदलेगा और न ही साइकिलों का रंग।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मदनलाल सैनी ने कहा शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा को राज्य का इतिहास पता नहीं है, इसलिए वो इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं।

सैनी ने कहा है कि सरकार बदलने का मतलब यह नहीं है कि आप प्रदेश का इतिहास ही बदल देंगे? उन्होंने कांग्रेस सरकार को चेतावनी देते हुए यह भी कहा है कि सरकार को कुछ नहीं बदलने देंगे।

इसको लेकर आंदोलन किया जाएगा, सड़कों पर उतरेंगे, जनता के बीच जाएंगे, जब जैसी जरुरत होगी वैसा ही काम करेंगे।

सैनी ने कहा है कि सरकार को गलत काम करने से रोकने के लिए जहां पर ईंट की जरुरत होगी तो ईंट बजाएंगे, अगर और कोई जरुरत होगी तो वह बजाएंगे।

इधर, देवस्थान बोर्ड के सदस्य रहे जितेंद्र सिंह कांग्रेस सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा है कि प्रदेश दे शिक्षामंत्री को यह पता नहीं है कि महान कौन हैं?

जिस राज्य की पहचान ही महाराणा प्रताप से होती है, वहां के शिक्षा मंत्री कहते हैं कि जन मानस की भावना के अनुकूल फैसला लिया जाएगा।

भाजपा ने कहा है कि कांग्रेस यह बताएं कि अगर प्रताप महान नहीं थे, तो क्या अकबर महान था? जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह प्रदेश के लिए बहुत बड़ी शर्म की बात है।

दरअसल, एक दिन पहले ही पत्रकारों से बात करते हुए डोटासरा ने कहा था कि भारती भवन से चिट्ठियां आती थीं, और उसी के अनुकूल परिवर्तन किए जाते थे।

उन्होंने कहा है कि साइकिलों का रंग बदला जाएगा, जरूरी हुआ तो पाठ्यक्रम में बदलाव किया जाएगा। एक सवाल के जवाब में डोटासरा ने कहा है महाराणा प्रताप महान थे या अकबर, इसका फैसला जन मानस की भावना को ध्यान में रखकर निर्णय लिया जाएगा।

इसके साथ ही उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और जन भावना के अनुसार सरकार के साथ बैठकर रोडमैप तैयार किया जाएगा।

इधर, सार्वजनिक परिवहन मंत्री प्रताप​ सिंह खाचरिवास ने अपने फेसबुक पेज पर डोटासरा के बयान से उलट महाराणा प्रताप की महानता पर सवाल को गलत बताया है।

खाचरिवास ने मीडिया द्वारा इसको लेकर सवाल पूछने को लेकर पत्रकारों पर सवाल किया है। उन्होंने कहा है​ कि मीडिया को इस तरह के सवाल नहीं पूछने चाहिए।

प्रताप सिंह ने फेसबुक पेज पर लिखा है—

धन्य हुआ रे राजस्थान, जो जन्म लिया यहां प्रताप ने।
धन्य हुआ रे सारा मेवाड़, जहां कदम रखे थे प्रताप ने॥

करता हूं नमन मैं प्रताप को, जो वीरता का प्रतीक है।
तू लोह-पुरुष तू मातृ-भक्त, तू अखण्डता का प्रतीक है॥

‘महाराणा को मात्र क्षत्रियों का नेता मानना उनका अपमान है, वो विदेशी आक्रमणकारियों के विरुद्ध लड़े और भारत मां के सच्चे सपूत थे। हर जाति—धर्म को साथ लेकर महाराणा प्रताप लड़ा करते थे। महाराणा प्रताप महान थे और रहेंगे। उनकी महानता को किसी प्रमाण की आवयश्कता नही है। इस प्रकार के सवाल मीडिया के द्वारा पूंछना बहुत ही ज्यादा ग़लत है और जवाब देना भी ग़लत है।’

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