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नई दिल्ली।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और केंद्रीय अंवेक्षण ब्यूरो की टीम के बीच बीती रात हुए हाई प्रोफाइल ड्रामे को पूरे देश ने देखा। इस प्रकरण को लेकर आज लोकसभा और राज्यसभा में भी टीएमसी के सांसदों ने खूब तांड़व मचाया।

ममता बनर्जी कल रात से ही कोलकाता में धरने पर बैठीं हैं तो दूसरी तरफ इस मामले को लेकर सीबीआई ने सप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई है। सीबीआई की अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने कल सुबह 10.30 बजे सुनवाई का समय दिया है।

इसके साथ ही कोर्ट ने कोलकाता के कमिश्नर राजीव कुमार पर तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा है कि यदि एक भी सबूत मिटाने का प्रयास किया गया तो उनके खिलाफ ऐसी कार्यवाही की जाएगी, जो याद रखेंगे।

सीबीआई ने शीर्ष अदालत में बताया है कि कल उनकी टीम को किस तरह से कोलकाता पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया और सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गई सीबीआई की 40 जनों की टीम को पूछताछ करने से रोका गया। इसके साथ ही 5 अफसरों को कोलकाता पुलिस ने गिरफ्तार किया गया।

अब आपको बताते हैं कि असल में सीबीआई और ममता बनर्जी के बीच दुश्मनी की असली वजह क्या है। दरअसल, शारदा चिटफंड घोटाले में राजीव कुमार समेत टीएमसी के अनैक नेताओं के नाम हैं। राजीव कुमार द्वारा चिटफंड घोटाले के आरोपितों के सबूत मिटाने का आरोप हैं।

यह घोटाला तब हुआ था, जब ममता बनर्जी की पिछली सरकार थी। इस प्रकरण में 40 हजार करोड़ रुपए का गबन किया गया था, जिसमें 20 लाख लोगों का पैसा डूबा था। मामले के पीड़ित 100 से ज्यादा लोगों ने आत्महत्या कर ली थी।

बताया जाता है कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के द्वारा जो एसआईटी गठित की गई थी, जिसके राजीव कुमार मुखिया थे। उस मामले में उनकी भूमिका की जांच की जा रही है। सीबीआई इसी मामले में राजीव कुमार से पूछताछ करने गई थी।

रात को हुए घटनाक्रम के बाद आज भाजपा ने राज्य में चुनाव आयोग से शिकायत की है। भाजपा ने कहा है कि लोकसभा चुनाव से पहले यहां पर सीआरपीएफ के जवान तैनात किया जाए, ग्रामीण इलाकों में वीडियोग्राफी करवाई जाए।

इसी मामले को लेकर आज टीएमसी के सांसदों ने संसद में भी हंगामा किया। टीएमसी के सांसदों के हंगामे के बाद एक बार कार्यवाही स्थगित कर दिया गया। बाद में राजनाथ सिंह ने लोकसभा में बताया कि किस तरह से सीबीआई के साथ कोलकाता पुलिस ने दुर्वव्हार किया।

मजेदार बात यह है कि कोलकाता कमिश्नर राजीव कुमार, ममता बनर्जी और पश्चिम बंगाल के डीजीपी भी धरने पर बैठे हैं। इस मामले में सूचना मिली है कि संघ लोक सेवक नियमों के तहत राजीव कुमार के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।