स्त्रियों की तरह गौ माता का भी हुआ जलवा पूजन

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-महिलाओं ने मंगल गीत गाकर, विधि-विधान से गाय की पूजा-अर्चना की

जयपुर। भारतीय संस्कृति में गायों का बड़ा महत्व बताया गया है। हिन्दू मान्यता के अनुसार गायों के शरीर में करोड़ों देवी-देवता निवास करते है।

भारत में हिन्दू गाय को मां के रूप में और देवी के रूप में पूजते है। आज के आधुनिकता भरे माहौल में जब हम किसी को गाय पालते हुए देखते है तो बड़ी खुशी महसूस होती है।

जयपुर के गुर्जर की थड़ी स्थित कटेवा नगर निवासी मोतीलाल सैनी ने एक अनोखी पहल करते हुए राजस्थान में पहली बार गाय की ‘जलवा पूजन’ का आयोजन किया है।

मोतीलाल सैनी ने बताया कि हम गाय को एक पारिवारिक सदस्य के रूप में पालते हुए सेवा कर रहे है। जिस प्रकार परिवार में कोई नया सदस्य आता है तो उसका नाम रखा जाता है।

उसी तरह मैंने भी अपनी गाय का नाम लक्ष्मी रखा हुआ है। कुछ दिन पूर्व इस गाय ने एक बछड़ी को जन्म दिया, जिसका नाम मैंने पार्वती रखा है।

सैनी ने बताया कि जब कोई स्त्री गर्भ से पुत्र/पुत्री को जन्म देती है तो जलवा पूजन का एक बड़ा आयोजन किया जाता है।

ठीक उसी प्रकार गाय के बछड़े को जन्म देने के उपलक्ष में पूरी विधि-विधान से जलवा पूजन का आयोजन आज किया जा रहा है और शाम को 500 लोगों के भोजन प्रसादी का भी आयोजन किया जाएगा।

सैनी ने बताया कि हमारे पिताजी चमनलाल सैनी की प्रेरणा है कि हमें गाय की सेवा करनी चाहिए, जिससे सभी प्रकार के वास्तुदोष दूर होते है।

उन्हीं की प्रेरणा के चलते हम सभी गायों को पालने एवं उनकी सेवा-श्रुषा करने में गर्व महसूस करते है। इस जलवा पूजन कार्यक्रम में सभी महिलाओं ने मंगल गीत गायें और पूर्ण विधि-विधान से गाय की पूजा-अर्चना की।