jitendra singh rahul gandhi (file photo)
jitendra singh rahul gandhi (file photo)

जयपुर। नेताओं द्वारा सत्ता में रहते हुए किए गए घपले कभी न कभी तो खुलकर सामने आ ही जाते हैं। रॉबर्ट वाड्रा ईडी की जांच का सामना कर रहे हैं। अब कांग्रेस के ही एक नेता और पूर्व मंत्री जमीन मामले में फंसते हुए नजर आ रहे हैं।

कांग्रेस के नेता और अलवर से लोकसभा उम्मीदवार भंवर जितेंद्र सिंह भंवर में फंसते हुए नजर आ रहे हैं। उनको कब्रिस्तान और पहाड़ की जमीन देने के मामले में एसीबी के अनुसंधान अधिकारी को उच्च न्यायालय ने तलब किया है।

मामला तब का है, जब भंवर ​जितेंद्र सिंह केंद्र में मंत्री हुआ करते थे और उनको भूमि आवंटित की गई थी। बताया जा रहा है कि वर्ष 2010-11 में अलवर के उपखंड अधिकारी नारायण सिंह द्वारा पूर्व में खारिज मुकदमे को आनन—फानन में पहले हुए निर्णय को छिपाते हुए निपटारा कर दिया था।

इस केस को पहले नम्बर पर लेकर कानून और उच्च न्यायालय के निर्णयों तथा सरकार के सर्कुलर के विपरीत जाकर पहाड़, कब्रिस्तान, रास्ते और नाले की जमीन को भंवर जितेंद्र सिंह के नाम कर दिया।

इस पर आरटीआई एक्टिविस्ट अशोक पाठक द्वारा भृष्टाचार निरोधक ब्यूरो को शिकायत दी गई थी, जिसकी जांच की गई और उसको अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एसीबी अलवर पीयूष दीक्षित ने शिकायत को सही माना।

बाद में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने के स्थान पर मामले को बंद कर दिया गया। इस पर हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अजय कुमार जैन ने राजस्थान उच्च न्यायालय में याचिका पेश की थी, जिस पर एसीबी द्वारा जवाब भी पेश कर दिया गया।

आज सुनवाई के दौरान न्यायाधिपति महेन्द्र माहेश्वरी द्वारा लापरवाही को गम्भीर मानते हुए 14 मई को 2019 को मामले के अनुसन्धान अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से उच्च न्यायालय में तलब किया है।

यदि मामला फिर से खुलता है और कोर्ट सख्त होता है तो रॉबर्ट वाड्रा की तरह भंवर जितेंद्र सिंह भी जमीन घोटाले में फंस सकते हैं। हालांकि, अभी कोर्ट ने उनको नहीं बुलाया है।