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जयपुर
महेश नगर थाना इलाके में नाबालिग के साथ ज्यादती करने के जुर्म में चार साल पहले गिरफ्तार किए गए 25 वर्षीय दुष्कर्मी कृष्ण मुरारी शर्मा उर्फ मनीष को पोक्सो एक्ट मामलों की स्पेशल कोर्ट ने आजीवन कारवास एवं 2.50 लाख रुपए के अर्थदण्ड की सजा सुनाई है।

3 जून, 2014 की शाम को हुई दुष्कर्म की घटना के बाद 17 वर्षीय पीड़िता ने उसी दिन बाथरूम में केरोसिन उंडेलकर आग लगा ली थी। उपचार के दौरान अस्पताल में 14 जून को उसकी मौत हो गई थी।

कोर्ट ने आदेश में कहा कि शरीर अपवित्र होने का भाव होने के कारण पीड़िता ने स्वयं को अग्नि को समर्पित कर दिया था। झुलसने के बाद उसे 12 दिन तक असहनीय पीड़ा भी सहन करनी पड़ी।

अनुसंधान में कमियां रहने के कारण कोर्ट ने एक अन्य आरोपी राजेन्द्र शर्मा को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। दुष्कर्म के समय उसने रोशन दान से वीडियो बनाया था। पीड़िता द्वारा आत्मदाह करने का एक बड़ा कारण यह वीडियो भी था।

राज्य सरकार की ओर से 19 गवाहों के बयान करवाये गये। पीड़िता और आरोपी एक ही मकान में आमने-सामने किराएदार थे।

पीड़िता 8 वीं कक्षा की छात्रा थी और 3 जून को पिता से बात करने के लिए कृष्ण मुरारी से मोबाइल फोन मांगने गई थी।

उसने हाथ पकड़कर कमरे में खींच लिया तथा दुष्कर्म किया एवं जाली में से उसका दोस्त वीडियो बनाता रहा। पीड़िता ने न्यायिक मजिस्ट्रेट सुनील ओझा के समक्ष दिए बयानों में भी आरोप दोहराए थे।

कोर्ट ने उसे पोक्सो एक्ट की धारा 3/4 में आजीवन एवं आईपीसी की धारा 306 के अपराध में 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई।

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