शिक्षा और शोध में जीवन खपा दिया, अब दो-दो पैसे को मोहताज

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- Advertisement - dr. rajvendra chaudhary

-कोर्ट के तीन बार दिये गए आदेश भी नहीं दिला पा रहे रिटायर्ड प्रोफेसर्स को पेंशन, मई 2017 तक 22 माह का 99 करोड़ बकाया, बीते पांच माह से नहीं मिला एक धेला।
जयपुर/ बीकानेर/ जोधपुर/ उदयपुर।

जीवनभर उच्च शिक्षा के माध्यम से देश निर्माण का काम कर रिटायर्ड हो चुके सैकड़ों प्रोफेसर्स टके-टके के लिए मोहताज हैं। दीवाली जैसा त्योहार सिर पर है और जीवन के अंतिम पडाव पर पहुंचे यह बुद्धिजीवी कई माह से पेंशन के लिए तरस रहे हैं। कोर्ट की ओर से भी तीन बार आदेश हो चुके हैं, बावजूद इसके शिक्षकों को पेंशन नहीं मिल रही है।

मामला राजस्थान के कृषि विश्वविद्यालयों का है। स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विवि बीकानेर, कृषि विवि जोधपुर, श्रीकर्ण नरेंद्र कृषि विवि जोबनेर में 22 माह अप्रेल 2017, और जून से लेकर अब तक पेंशन नहीं मिली है।

इनके अलावा महाराणा प्रताप कृषि एवं तकनीकी विवि उदयपुर और कृषि विवि कोटा के माध्यम से राजस्थान में कृषि शोध और नवाचारों को बढ़ावा देने का काम कर सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों को भी 2-3 माह में पेंशन मिल रही है।

लेकिन इन विश्वविद्यालयों से रिटायर हो चुके करीब 1200 से ज्यादा शिक्षकों को पेंशन नहीं मिलने के कारण दो-दो पैसे के लिए मोहताज हो गए हैं।

22 माह का पहले, 5 महीनें का अब बकाया

जानकारी के अनुसार अप्रेल 2017 तक 22 माह की पेंशन बकाया है। उसके बाद कोर्ट में जाने के बाद विवि ने मई 2018 की पेंशन तो दे दी।

इस तरह से 22 माह पहले और 5 माह अभी की पेंशन नहीं मिली है। रिटायर टीचर्स के मुताबिक विवि सरकार से पैसे नहीं मिलने की बात कहतें, जबकि सरकार भी टालमटोली कर रही है।

कोर्ट का आदेश भी धरा रह गया

इस मामले को लेकर राजस्थान एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी बीकानेर रिटायर्ड टीचर्स सोसाइटी ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया।

जोधपुर हाईकोर्ट ने 9 जुलाई 2018 को विवि और सरकार को आदेश देते हुए अविलंब पेंशन देने को कहा। इसके बाद कोर्ट ने अगली सुनवाई 10 अगस्त को फिर से आदेश दिया, लेकिन भुगतान नहीं हुआ।

रिटायर्ड टीचर फिर से कोर्ट गए तो न्यायालय ने 31 अगस्त तक पूरा भुगतान करने का आदेश दिया, लेकिन मजेदार बात यह है कि आज तक पेंशन नहीं मिली है। जिसके चलते ये शिक्षक अब दूसरों के आगे हाथ फैलाने को मजबूर हैं।

इतना है बकाया

रिटायर्ड टीचर्स सोसाइटी के अनुसार बीकानेर, जोधपुर और जोबनेर विवि के करीब 1200 रिटायर टीचर हैं। जबकि अकेले बीकानेर विवि से ही 1050 के करीब सेवानिवृत्त शिक्षक पेंशन को मोहताज हैं।

इनको हर माह करीब 4.5 करोड़ रुपए पेंशन के लिए चाहिए। विवि से इन शिक्षकों के करीब 99 करोड़ बीते साल मई तक के और 22.50 करोड़ इस साल की पेंशन के पेटे बकाया हो गए हैं।

इनका कहना है-

तीन बार कोर्ट ने आदेश दे दिया। विवि कहता है सरकार पैसे नहीं दे रही है, तो सरकार जल्दी बजट जारी करने की बात कहती है। अवमानना इसलिए नहीं लगाई, क्योंकि 12 नवंबर को चौथी सुनवाई है।

प्रो. आरबीएल गुप्ता, उपाध्यक्ष, राजस्थान एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी रिटायर टीचर्स सोसाइटी

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