लखनऊ।

भारतीय जनता पार्टी के उत्तर प्रदेश से दो बार मुख्यमंत्री रह चुके वर्तमान में राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह एक बार फिर से भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता बनने जा रहे हैं।

5 सितंबर को कल्याण से लखनऊ स्थित भारतीय जनता पार्टी के कार्यालय में जाएंगे और वहां बीजेपी की सदस्यता ग्रहण करेंगे।

कल्याण सिंह ने 4 सितंबर 2014 को राजस्थान के राज्यपाल का पद संभाला था उनका कार्यकाल 3 सितंबर 2019 को, यानी मंगलवार को समाप्त हो रहा है।

पिछले 52 साल में राजस्थान के राज्यपाल के तौर पर कल्याण सिंह पहले राज्यपाल हैं, जिन्होंने अपना 5 साल का कार्यकाल पूरा किया है।

3 सितंबर को राज्यपाल के पद से हटने के बाद कल्याण से 5 सितंबर को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित बीजेपी के कार्यालय जाएंगे पर एक बार फिर से पार्टी की सदस्यता ग्रहण करेंगे, सदस्यता ग्रहण करेंगे।

कल्याण सिंह को बीजेपी की सदस्यता ग्रहण कराने वालों ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और यूपी भाजपा के अध्यक्ष उपस्थित रहेंगे।

कल्याण सिंह एक समय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश में रीड की हड्डी वा करते थे। कल्याण सिंह दो बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे थे।

उनको 6 दिसंबर 1992 को उत्तर प्रदेश में बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री पद से हटना पड़ा था। इतना ही नहीं कल्याण सिंह अकेले उत्तर प्रदेश में बाबरी विध्वंस के बाद सजा भी हुई थी।

बीते 5 साल में कल्याण सिंह राजस्थान के राज्यपाल थे और संवैधानिक पद पर होने के नाते उनके खिलाफ अयोध्या मामले में केस नहीं चलाया गया था।

अब 4 सितंबर को कल्याण सिंह का कार्यकाल खत्म हो रहा है। एक बार फिर से उनको बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ेगा।

कल्याण सिंह का जन्म 5 जनवरी 1932 को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में हुआ था। शुरुआत से ही कल्याण सिंह आरएसएस के सदस्य रहे।

राष्ट्रपति ने नए राज्यपाल के तौर पर प्रदेश के राज्यपाल कलराज मिश्र को राजस्थान का गवर्नर नियुक्त किया है। उनके अलावा चारा अन्य राज्यों में भी गवर्नर नियुक्त किए गए हैं।