जयपुर।

राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के संयोजक और नागौर जिले के खींवसर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हनुमान बेनीवाल एनडीए की तरफ से नागौर लोकसभा सीट से गठबंधन के उम्मीदवार होंगे।

इससे पहले दिसंबर 2018 में हुए राज्य विधानसभा चुनाव के दौरान हनुमान बेनीवाल के द्वारा भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के खिलाफ जमकर प्रचार किया गया था।

उन्होंने विधानसभा चुनाव के ठीक 20 दिन पहले आरएलपी के रूप में अपनी राजनीतिक दल का गठन करती हुई 57 विधानसभा क्षेत्रों पर उम्मीदवार उतारे, जिनमें से खुद समेत तीन प्रत्याशियों ने जीत हासिल की।

2 दिन पहले हनुमान बेनीवाल ने भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन किया है। बेनीवाल खुद नागौर लोकसभा क्षेत्र से गठबंधन के उम्मीदवार हैं।

राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी ने कई वर्षों बाद किसी राजनीतिक दल के साथ गठबंधन किया है। आरएलपी के संयोजक हनुमान बेनीवाल के लिए यह बहुत बड़ी बात है कि दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी ने उनके साथ गठबंधन करने के लिए फैसला लिया।

सब तरफ से यही चर्चा है कि पहले हनुमान बेनीवाल काग्रेस के साथ गठबंधन करना चाहते थे। उन्होंने प्रदेश की 7 लोकसभा सीट चाहते थे, लेकिन कांग्रेस तीन लोक सभासीट दे रही थी, इसलिए उन्होंने मना नहीं किया।

जबकि सूत्रों के हवाले से खबर आई है कि कांग्रेस पार्टी को अजमेर लोकसभा क्षेत्र देना चाहती थी, और खुद बेनीवाल नागौर लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ना चाहते थे।

इसी बात पर दोनों की पटरी बैठी और आखिरकार गठबंधन नहीं हो सका। खुद हनुमान बेनीवाल का कहना है कि उन्होंने कांग्रेस पार्टी के साथ गठबंधन करने का कोई प्रयास नहीं किया, वह राष्ट्रीय हित में और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दोबारा से प्रधानमंत्री बनाने के लिए वह बीजेपी के साथ आए हैं।

राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में भी बीजेपी के लिए प्रचार करेंगे। सियासी गलियारों में यह सवाल 3 दिन से तैर रहा है कि हनुमान बेनीवाल और भारतीय जनता पार्टी के बीच गठबंधन करवाने वाला आखिर वह कौन शख्स है, जिसने पहाड़ से चुनौती को अंजाम देने में सफलता हासिल की है?

आरएलपी और बीजेपी की तरफ से इस बारे में अभी तक किसी भी पदाधिकारी ने कोई बयान नहीं दिया है और ना ही किसी ने दावा किया है। आज बीजेपी के द्वारा बाड़मेर जैसलमेर से पूर्व विधायक कैलाश चौधरी को लोकसभा का उम्मीदवार बनाया है।

सर्वविदित है कि कैलाश चौधरी और हनुमान बेनीवाल के बीच रिश्ते बहुत मीठे हैं। समझा जा रहा है कि कैलाश चौधरी ही वह शख्स हैं जिसने हनुमान बेनीवाल को भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन करने के लिए मनाया।

हालांकि, कैलाश चौधरी को पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के बेहद करीब माना जाता है। इधर, हनुमान बेनीवाल और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के बीच राजनीतिक गठबंधन को साकार रूप देने कैलाश चौधरी ने जो भूमिका निभाई है।

सम्भतः उसी का परिणाम है कि उनको बाड़मेर-जैसलमेर से पार्टी ने उम्मीदवार बनाया है। आपको यह भी बता दें कि बाड़मेर-जैसलमेर में हनुमान बेनीवाल बहुत बड़ी रैली कर चुके हैं, वहां से इनके द्वारा उतारे गए उम्मीदवारों ने वोट बटोरे।

खुद कैलाश चौधरी बायतु से चुनाव हार गए थे। यहीं से कांग्रेस के उम्मीदवार रहे हरीश चौधरी आरएलपी के उम्मीदवार के सामने हारते हारते बचे थे। कैलाश चौधरी यहां पर 2013 से 2018 तक विधायक रहे थे।