kailash choudhary vasundhara raje
kailash choudhary vasundhara raje

दिल्ली।
बाड़मेर-जैसलमेर के नव निर्वाचित सांसद कैलाश चौधरी ने रविवार को नई दिल्ली में राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे से उनके लेखा विहार स्थित निजी आवास ‘सिंधिया विला’ पर मुलाकात की।

इस दौरान वसुंधरा राजे ने बाड़मेर-जैसलमेर लोकसभा क्षेत्र से कैलाश चौधरी के तीन लाख से ज्यादा रिकॉर्ड मतों से विजयी होने पर बधाई दी।

इस दौरान भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदनलाल सैनी भी मौजूद थे। आपको बता दें कि कैलाश चौधरी ने वसुंधरा राजे के धुर विरोधी कर्नल मानवेन्द्र सिंह को करारी शिस्कत दी है।

मानवेन्द्र ने गत विधानसभा चुनाव से पहले ‘कमल का फूल हमारी भूल’ ओर स्वाभिमान का नारा देते हुए भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल होकर सूबे की तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के सामने झालरापाटन विधानसभा क्षेत्र से चुनाव मैदान में उतरे थे, लेकिन पराजित हो गए थें।

मानवेन्द्र ने विधानसभा चुनाव में पराजय के बाद कांग्रेस आलाकमान के सामने गृह क्षेत्र बाड़मेर-जैसलमेर से लोकसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की तो कांग्रेस के जाट नेताओं ने विरोध किया था।

लेकिन कांग्रेस आलाकमान ने विरोध को दरकिनार करते हुए मानवेन्द्र सिंह को कांग्रेस उम्मीदवार घोषित किया। उसके बाद वसुंधरा राजे ने बाड़मेर-जैसलमेर लोकसभा क्षेत्र का दो दिवसीय दौरा तय करके जैसलमेर में डेरा डाल कैलाश चौधरी की जीत में महती भूमिका निभाई।

राजे ने अपनी टीम को मानवेन्द्र के खिलाफ विशेष रणनीति से कार्य में लगा दिया, जो 23 मई को आए परिणाम में मानवेन्द्र सिंह क़रीब तीन लाख से ज्यादा रिकॉर्ड मतों से पराजित हुए और कैलाश चौधरी ने रिकॉर्ड विजयी हासिल की।

कैलाश चौधरी राजस्थान में भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष का दायित्व भी सम्भाल रहें हैं। अब कैलाश चौधरी कांग्रेस द्वारा विधानसभा चुनाव में किए गए सम्पूर्ण कर्ज माफी के वादे को पूरा नहीं करने पर उनके नेतृत्व में प्रदेश किसान मोर्चा राजस्थान में गहलोत सरकार को घेरने की रणनीति भी बना रहा है।

कैलाश चौधरी ने चुनाव जीतने के तुरंत बाद कहा था कि जिस तरह की हार का अशोक गहलोत को सामना करना पड़ा है, उससे उनको मुख्यमंत्री पद से अविलंब इस्तीफा दे देना चाहिए।

जिस तरह के तेवर कैलाश चौधरी किसान मोर्चा के अध्यक्ष के तौर पर दिखा रहे हैं, जिससे जाहिर हो रहा है कि आगामी दिनों में प्रदेश में बहुत बड़ा किसान आन्दोलन भी खड़ा हो सकता है।