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मुंबई।
बॉलिवुड के अभिनेता कादर खान का 81 साल की उम्र में कल शाम को 6 बजे निधन हो गया है। गंभीर हालते होने के कारण उन्हें कुछ दिनों पहले अस्पताल में भर्ती करवाया गया था।

सांस लेने में तकलीफ होने के बाद BIPAP पर रखा गया था। कनाडा के एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। कादर खान आखिरी बार साल 2015 में फिल्म ‘दिमाग का दही’ में अभिनय किया था।

अभिनेता कादर खान के बेटे सरफराज खान ने जानकारी दी कि उनके पिता छोड़कर चले गए हैं। उन्होंने कल शाम 6 बजे अंतिम सांस ली थी। कादर खान दोपहर से ही कोमा में चले गए थे।

अभिनेता का अंतिम संस्कार कनाडा में किया जाएगा। सरफराज खान ने बताया कि उनके परिवार के सभी सदस्य यहीं रहते हैं, इसीलिए यहीं पर कादर खान का अंतिम संस्कार करने का फैसला किया है।

दिवंगत अभिनेता कादर खान को प्रोग्रेसिव सुप्रान्यूक्लीयर पाल्सी डिसऑर्डर नामक रोग था।

जिससे उनके दिमाग ने काम करना बंद कर दिया था। उनका जन्म 22 अक्टूबर 1937 को अफगानिस्तान के काबुल में हुआ। कादर खान ने साल 1973 में ‘दाग’ फिल्म से अभिनय की शुरुआत की थी।

इस फिल्म में राजेश खन्ना हीरो थे। उससे पहले रणधीर कपूर और जया बच्चन की फिल्म ‘जवानी-दिवानी’ के लिए डायलोग लिख चुके थे।

पटकथा लिखने के तौर पर कादर खान ने निर्माता—निर्देशक मनमोहन देसाई और प्रकाश मेहरा के साथ कई फिल्में लिखी थीं।

कादर खान ने देसाई के साथ ‘धर्म वीर’, ‘गंगा, जमुना, सरस्वती, ‘कुली’ ‘देश प्रेमी’, ‘सुहाग’ ‘अमर अकबर एंथनी’ के अलावा ओम प्रकाश मेहरा के साथ ‘ज्वालामुखी’, ‘ शराबी’, ‘लावारिस’ बनाई थी।

इसके अलावा उन्हों ‘मुकद्दर का सिकंदर’ जैसी फिल्में भी लिखी थी।

साथ ही कादर खान ने ‘कुली नंबर 1’, ‘ मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी’, ‘कर्मा’, ‘सल्तनत’ सरीखी फिल्मों के डायलोग लिखे थे।

अभिनेता ने बॉलिवुड की करीब 300 फिल्मों में काम किया था। उन्होंने 250 से ज्यादा फिल्मों के डायलोग लिखे थे।