जयपुर।

भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस के द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री बनाए जाने पर सवाल खड़ा करते हुए कहा है कि प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा के केस दबाने के लिए अशोक गहलोत का मुख्यमंत्री बनाया गया है।

भारतीय जनता पार्टी के नेता और पूर्व पंचायती राज मंत्री राजेंद्र राठौड़ ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि सरकार बदले की भावना से काम कर रही है और जिनके मंत्री समझ नहीं पा रहे हैं कि वह मंत्री है या विपक्ष में बैठे हैं।

राजेंद्र राठौड़ ने राहुल गांधी पर हमला करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार की गंगोत्री कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से निकल रही है। राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि दिल्ली के पटियाला कोर्ट में एडी के द्वारा जो चार्जशीट पेश की गई है, उससे साफ जाहिर है कि अगस्तावेस्टलैंड के घोटाले में कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व ने रिश्वत ली है।

राजेंद्र राठौड़ ने कहा है कि 12 हेलीकॉप्टर के लिए 3546 करोड रुपए का जो भुगतान किया गया था, उसमें से 307 करोड रपए की रिश्वत ली गई थी। इसमें 125 करोड़ पर सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल के नाम से इटली के कोर्ट में साबित हो चुकी है।

उन्होंने कहा कि 2012 में यूपीए सरकार ने अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाले की जांच शुरू की थी। इस मामले में 4 दिसंबर को ही इस मामले में बिचौलिए क्रिश्चन मिशेल कि भारत में प्रत्यारोपण करवाया गया है और उसकी रिपोर्ट आईडी के द्वारा सीबीआई की विशेष कोर्ट में पेश की गई है।

अशोक गहलोत सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में जो फैसले लिए गए हैं उस पर हमला करते ही है राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि किसानों की कर्ज माफी और 35 सो रुपए बेरोजगारों को मासिक भत्ता देने का वादा पार्टी ने नहीं किया है, बल्कि अपने 20 आईएएस अधिकारियों को 11 राज्यों में कर्ज माफी योजना की जानकारी लेने के लिए भेज दिया है यह प्रदेश के किसानों के साथ बहुत बड़ा धोखा है।

राजेंद्र राठौड़ ने राज्य सरकार के द्वारा वकील महेंद्र सिंह सिंघवी को राज्य का महाधिवक्ता नियुक्त किए जाने पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि सिंह ने रॉबर्ट वाड्रा के जमीन वाले मामले में वकील हैं, जिसके लिए उनको पुरस्कृत किया गया है। इस पर सवाल खड़ा होता है।

राठौड़ ने कहा कि 29 दिसंबर 2018 को वीडियो के द्वारा पेश की गई रिपोर्ट में साफ जाहिर है कि क्रिश्चन मिशेल के द्वारा रिश्वत ली गई थी और इटली के कोर्ट के द्वारा बार-बार की महिला के पुत्र का जिक्र किया गया है। इससे साबित होता है कि राहुल गांधी भी इस मामले में लिप्त हैं।

पंचायती राज चुनाव में राज्य सरकार द्वारा शैक्षणिक योग्यता खत्म करने को लेकर राठौड़ ने राज्य सरकार पर तगड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि राज्य में एक प्रोग्रेसिव कानून बनाया गया था, लेकिन राज्य की अशोक गहलोत सरकार सरपंच और प्रधानों को अंगूठा टेक रखना चाहती है, ताकि भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा सके।

राज्य सरकार के विधायकों के द्वारा ही विरोध किए जाने को लेकर राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि सरकार के दूध के दांत भी अभी टूटे नहीं हैं कि विरोध शुरू हो गया है। उन्होंने वरिष्ठ कांग्रेसी नेता भंवर लाल शर्मा, विधायक जाहिदा खान और पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी के द्वारा विरोध का जिक्र किया।

पूर्व पंचायती राज मंत्री राठौड़ ने कहा कि राजस्थान में लोकसभा चुनाव होने हैं, इसलिए बीजेपी के द्वारा सबसे पहले प्रदेश में किसानों की संपूर्ण कर्जमाफी बेरोजगारों को 3500 मासिक भत्ता दिए जाने को लेकर आंदोलन किया जाएगा। इसके लिए पहले विधानसभा में आवाज उठाई जाएगी, उसके बाद जनता के बीच जाकर बताया जाएगा।

अशोक गहलोत सरकार के द्वारा पिछले सरकार के 6 माह के कार्यकाल की समीक्षा के जाने के सवाल पर राठौड़ ने कहा कि सरकारों को समीक्षा करनी चाहिए। गलत योजना में बंद करना चाहिए और अच्छी योजनाओं को चालू रखना चाहिए।

लेकिन इसको कभी भी राजनीतिक चश्मे से नहीं देखना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि 2008 से 2013 के कार्यकाल में भी अशोक गहलोत सरकार ने सरकार की योजनाओं की समीक्षा की थी और माथुर आयोग बनाया था, लेकिन उसमें कुछ भी नहीं हुआ?

राज्य सरकार पर अभी से विफलता ओं का आरोप लगाते हुए राठौड़ ने कहा कि जो सरकार चुनाव के इतने दिन बाद भी विधानसभा सत्र आहूत नहीं कर पा रही है, कैसे काम कर पाएगी, यह सोचनीय विषय है।

राठौड़ ने कहा कि रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ 18 एफआईआर दर्ज है, इससे साबित होता है कि उन्होंने राजस्थान में जमीन की जमकर लूट की है। उनके केसों को कमजोर करने के लिए अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री बना कर पुरस्कृत किया गया है।