जयपुर।

मुकेश अंबानी की टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो नए साल से यहां से रेलवे के 1.5 कर्मचारियों को मोबाइल कनेक्शन उपलब्ध करवाने जा रही है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इससे उनके दिल में करीब 35% की कमी आएगी।

31 दिसंबर 2018 तक रेलवे की दूरसंचार प्रदाता कंपनी भारती एयरटेल थी, जो आज से बदलकर रिलायंस jio हो गई है।

रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि बीते 6 साल से एयरटेल ही भारतीय रेलवे के 1.95 लाख कर्मचारियों को मोबाइल फोन कनेक्शन उपलब्ध करवा रही थी।

रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि इन कनेक्शन के रेलवे एयरटेल को बिल के पेटे सालाना 100 करोड़ में का भुगतान करता था।

20 नवंबर 2018 को रेलवे बोर्ड की तरफ से इसका आदेश कर दिया गया था। भारतीय रेलवे के लिए नई सीयूजी योजना को अंतिम रूप देने की जिम्मेदारी दी गई थी। मौजूदा ऑपरेटर की वैधता आएगा 30 दिसंबर को खत्म हो गई है।

नया देशों के मुताबिक सीयूजी 1 जनवरी 2019, यानी आज से लागू हो गई है। कंपनी द्वारा ली जाने वाली दरों का ब्यौरा भी दिया गया है।

जिओ के द्वारा भारतीय रेलवे को 4 तरह की पैकेज उपलब्ध करवाए गए हैं। सबसे वरिष्ठ अफसरों के लिए (2% को) 125 से मासिक शुल्क 60gb का प्लान दिया गया है।

इसके साथ ही संयुक्त सचिव स्तर के अफसरों को (26% को) 99 में महीने की शुल्क पर 45 जीबी का डाटा प्लान उपलब्ध करवाया गया है।

इसी तरह से समूह सी के कर्मचारियों (72 प्रतिशत है) को ₹67 मासिक शुल्क वाला 30 जीबी का डाटा प्लान और थोक एसएमएस के लिए ₹49 का प्लान उपलब्ध करवाया गया है।